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चीन के इतिहास में प्रथम एकीकृत सामंती राज्य के संस्थापक-----छिन शी ह्वांग

2017-08-15 17:09:18
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छिन शी ह्वांग चीन के छिन राजवंश का प्रथम सम्राट था, जिस का नाम यडंजडं था। युद्धरत राज्य काल के अंत में छिन राज्य सब से शक्तिशाली था। छिन राज्य के पास पूर्वी छह राज्यों को एकीकृ�� करने की शक्ति थी । शासन संभालने के समय छिन यडंजडं बहुत छोटा था, इसलिए, प्रधान मंत्री ल्यू बू वेई ने सत्ता का प्रशासन संभाला। ईसापूर्व 238 में छिन मडंजडं ने खुद प्रशासन करना शुरु किया । उस ने ल्यू बू वेई को बरखास्त किया और वेई ल्याओ और ली स आदि लोगों को नियुक्त किया। ईसापूर्व 236 से ईसापूर्व 221 तक, छिन राज्य ने क्रमशः हेन, वेई, छ्वू, येन, च्याओ और छी छह राज्यों को हराकर जीत लिया और युद्धरत राज्य काल को समाप्त किया। छिन राज्य ने अंत में चीन के इतिहास में प्रथम एकीकृत,बहुजातीय व तानाशाही राज्य छिन राज्य की स्थापना की।

ईसापूर्व 221 में यडंजडं ने अपने आप को शी ह्वांग दी का नाम दिया। उस ने देश में पहले की राज्य बंटवारा व्यवस्था को रद्द कर प्रांत व जिला व्यवस्था कायम की। सम्राट के प्रत्यक्ष शासन में उस ने केंद्र से जिला तक एक पूरी व्यवस्था की स्थापना की। छिन शी ह्वांग ने छिन राज्य के पहले के कानून के आधार पर छह राष्ट्र के कानूनों व नियमावलियों की श्रेष्ठताओं के आधार पर से सीखकर एकीकृत कानून बनाये और जारी किये। इतना ही नहीं, उस ने पहले के छह राज्यों के पदाधिकारियों को क्वेन जुंग और बा शू तक स्थानांतरित किया, ताकि वे लोग अलगाव की कार्यवाइयां न करें। उस ने लोगों द्वारा गैरकानूनी रुप से हथियार रखने पर भी पाबंदी लगायी और बरामद किये गये सभी हथियारों को नष्ट कर दिया।

अर्थतंत्र में छिन शी ह्वांग ने कृषि को बड़ा महत्व देने और व्यापार को नियंत्रित करने की नीति अपनायी और सामंती भूमि के निजीकरण के विकास का समर्थन किया। ईसापूर्व 216 में उस ने आदेश दिया कि सभी भूपति , भूमिधारी या किसान यदि सरकार को भूमि की संख्या के बारे में रिपोर्टें दें और वसूली दें तो उन्हें भूमि पर कब्जा करने का अधिकार है। इसी तरह राज्य में भूमि की निजीकरण व्यवस्था कायम की गयी। इस के अलावा, छिन शी ह्वां ने युद्धरत राज्य काल के दौरान, शांग यांग द्वारा बनायी गयी नाप माप पद्धति के आधार पर राष्ट्र की नाप माप पद्धति को एकरुप बनाया और साम्राज्य में मुद्रा को एकीकृत कर दिया।राज्य के नये यातायात का विकास करने के लिए छिन शी ह्वांग ने श्येन यांग से येन छी व वू छू क्षेत्र तक जाने वाली सड़क का निर्माण किया और श्येन यांग से व्न यांग(आज के शेनशी प्रांत के छ्वन ह्वा के उत्तर पश्चिमी में स्थित है) को पारकर च्यो व्येन(आज के भीतरी मंगोलिया के पाओ थो के पश्चिमी में स्थित है) तक पहुंचने वाली सड़क का निर्माण किया। छिन शी ह्वांग ने राज्य के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में पांच छी वाली सड़कों का निर्माण भी किया और शांग च्यांग नदी और ली चांग नदी के बीच लींग छ्वू नहर भी कायम की।

सांस्कृतिक व वैचारिक क्षेत्र में, छिन राज्य में प्रचलित लिपि छोटी च्वान नामक लिपि को पूरे राष्ट्र की एकीकृत लिपि घोषित किया गया। छिन शी ह्वांग ने कड़ी सजा देने के कानून अपनाये। ईसापूर्व 212 में, छिन शी ह्वांग ने विभिन्न पुस्तकों को नष्ट करने और निजी स्कूलों पर पाबंदी लगाने का आदेश जारी किया। इस के बाद, छिन शी ह्वांग के लिए अमर बूटी ढूंढने वाले हो शन और लू शन के भागने से चार सौ से ज्यादा कारीगर और कंफ्यूशियस के शिष्य प्रभावित हुए थे। छिन शी ह्वांग ने उन्हें श्येन यांग में मार डाला। यह चीन के इतिहास में पुस्तकों को नष्ट करने और कारीगरों एवं कंफ्यूशियस के शिष्यों को मारने वाली एक प्रसिद्ध घटना थी।

छिन शी ह्वांग द्वारा शासन संभालने के बाद, उस ने जरनल मन ख्वो को भेजकर श्योंग नू पर आक्रमण किया , युद्धरत राज्य काल के छिन, च्याओ एवं येन तीन राज्यों की उत्तरी लम्बी दीवारों को जोड़ा और पश्चिमी के लिन याओ(आज के गेन सू प्रांत के मिन काऊंटी) से पूर्व के ल्याओ तुंग तक पांच हजार किलोमीटर लम्बाई वाली दीवारों का निर्माण किया, जिस ने कारगर रुप से श्योंग नू के आक्रमण से रक्षा की , उस ने छिन साम्राज्य के शासन को और मजबूत किया और सीमांत क्षेत्र की रक्षा की।पेई व्ये क्षेत्र पर कब्जा करने के बाद छिन शी ह्वांग ने क्वेई लिन, श्यांग च्वन और नान हाई जैसे प्रांत कायम किये। छिन साम्राज्य के अंत में प्रांतों की संख्या शुरुआत के 36 प्रांतों से बढ़कर 40 तक जा पहुंची थी।

छह राज्यों को एकीकृत करने के बाद छिन शी ह्वांग ने अ फांग महल और ली शान मकबरा बनवाया और क्रमशः पांच बार बड़े पैमाने वाली यात्रा की। जहां जहां भी वह जाता, सदा जीवित रखने वाली दवाओं को ढ़ूढ़ता रहता, और पूजा करता रहता था। उस ने उक्त कार्यवाइयों में भारी धन खर्च किया । उस की हरकतों से जनता की मुसीबतें और दुख और गहरे हुए । ईसापूर्व 210 के जुलाई माह में छिन शी ह्वांग का देहांत हुआ।

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