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छन शन और वू क्वांग विद्रोह

2017-08-15 17:18:01
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छन शन और वू क्वांग विद्रोह चीन के प्रसिद्ध किसान नेता थे। उन के नेतृत्व में होने वाला किसान विद्रोह छिन राजवंश (ईसापूर्व 3 शताब्दी) में हुआ था, जो चीन के इतिहास में प्रथम बड़े पैमाने वाला विद्रोह था।

ईसापूर्व 210 में, छिन शी ह्वांग का देहांत हुआ। छिन शी ह्वांग का छोटा बेटा हू हेई सम्राट बना, छिन अर शी, यानी छिन सम्राट द्वितीय।छिन सम्राट द्वितीय एक बेवकूफ व क्षमताहीन सम्राट था। उस के शासन में जनता पर कर वसूली का भार बहुत भारी था, अनेक कड़ी सजाएं थीं। अधिकतर श्रमिक भूख व मृत्यु की रेखा पर जूझते रहते थे।

ईसापूर्व 209 में, छिन सम्राट द्वितीय ने ह्वेई ह नदी क्षेत्र के 900 गरीब किसानों को व्यू यांग ( आज पेइचिंग का मी व्यन) की रक्षा करने का आदेश दिया।

छन शन और वू क्वांग किसानों के नेता चुने गये। जब वे लोग चिन काऊंटी की दा ज गांव (आज के एन ह्वेई प्रांत के सू काऊंटी के दक्षिण पश्चिमी में स्थित है) पहुंचे, तो वर्षा के कारण वे लोग आगे नहीं जा पाये और उन्हें लगा कि वे समय पर व्यू यांग नहीं पहुंच राऐंगे। छिन राजवंश के कानून के अनुसार, यदि वे समायानुसार नहीं पहुंच सके, तो उन्हें मार दिया जाएगा।

छन शन और वू क्वांग ने किसानों का नेतृत्व करके दो अधिकारियों को मार डाला और किसानों से कहा, हम समय पर व्यू यांग नहीं पहुंच सकते और इस कारण हमें मारने की सजा दी जाएगी।हम सब सच्चे पुरुष हैं, हमें महान कार्य करना चाहिए। उन की बातों ने किसानों को प्रेरित किया। लोगों ने छन शन को जनरल नियुक्त किया और वू क्वांग को दू वेई चुना। उन्होंने एक किसान विद्रोही सेना का गठन किया। चीन के इतिहास में यह प्रथम किसान विद्रोही सेना थी।

अपने प्रभाव को विस्तृत करने के लिए रात को उन्होंने अपने पड़ाव के आसपास के एक मंदिर में अग्नि जलाकर दा छ्वू विजय प्राप्त करे और छन शन सम्राट बने का नारा दिया। छन शन और वू क्वांग के नेतृत्व में किसान विद्रोही सेना ने दा ज गांव और शेन काऊंटी पर कब्जा कर लिया। विद्रोही सेना ने गरीब गरीबी किसानों का समर्थन प्राप्त किया गया और छन काऊंटी पर कब्जा करने के बाद चांग छ्वू सत्ता की स्थापना की और छन शन सम्राट बना। चीन के इतिहास में यह प्रथम किसान क्रांतिकारी सत्ता थी।

इस के बाद विद्रोही सेना ने तीन रास्तों से छिन राजवंश पर आक्रमण किया। उस वक्त विद्रोही सेना में कई लाख सैनिक होते थे और हजारों सैन्य गाड़ियां होती थीं।

च्यो वन के नेतृत्व वाली एक किसान टुकड़ी तुरंत क्वेन जुंग के शी दी (आज के शान शी प्रांत के लिन थुंग) पहुंची जो कि श्येन यांग के नजदीक था। छिन सम्राट द्वितीय बहुत चिंता में था और उस ने लाखों सैनिकों को इकट्ठे करके किसान विद्रोही सेना के साथ लड़ाई लड़ी। लेकिन, अंत में विद्रोही सेना हार गयी और इसे छ्याओ यांग( आज के ह नान प्रांत के लिंग बाओ तुंग) में जाकर बचना पड़ा।   

वू छन ने एक दूसरी किसान टुकड़ी का नेतृत्व करके हेन देन पर कब्जा करने के बाद पूरानी शक्ति के प्रतिनिधि चांग अर और छन व्यू के समर्थन में अपने को राजा बनाया। छन शन ने परिस्थिति के मद्देनजर उसे मान्यता दी और उसे पश्चिम में जाकर च्यो वन की सहायता देने का आदेश दिया। लेकिन, चांग अर और छन व्यू ने न केवल च्यो वन की किसान टुकड़ी को मदद नहीं दी, बल्कि छन शन के कमांडर की बात भी नहीं सुनी। इस के बाद छह राज्यों की पुरानी शक्तियों ने क्रमशः अपने को राजा बनाया। इसी तरह, छन शन और वू क्वांग के नेतृत्व में किसान विद्रोही सेना कठिन स्थिति में फंसी थी। च्यो वन की किसान टुकड़ी छ्याओ यांग में तीन महीनों तक संघर्ष के बाद अंत में हार गयी। अंत में च्यो वन ने आत्म हत्या की। अन्य कई किसान विद्रोही टुकड़ियां भी छिन की सेना द्वारा पराजित की गयीं । कुछ समय के बाद, वू क्वांग भी अपने साथियों द्वारा मारा गया। ईसापूर्व 209 के दिसम्बर माह में, चांग हेन ने छिन सेना का नेतृत्व करके छन काऊंटी की ओर में आक्रमण किया। छन शन ने खुद किसान विद्रोही सेना का नेतृत्व करके जबरदस्त विरोध किया। लेकिन, दुर्भाग्य की बात है कि सैन्य शक्ति के अभाव में वह हार गया। छन शन की उस के अपने चालक च्वांग जा द्वारा हत्या की गयी थी।

इस के बाद किसान विद्रोही सेना के ल्वू छन आदि लोग संघर्ष करते रहे । अंत में इस किसान सेना ने श्यांग व्यू और ल्यू बांग आदि लोगों के नेतृत्व वाली विद्रोही सेना से मिलकर छिन सेना से लड़ाई लड़ी। ईसापूर्व 206 में, छिन राजवंश किसान विद्रोही सेना के भारी आक्रमण में नष्ट किया गया।

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