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जीव जंतु की विविधता की रक्षा

2017-08-15 15:46:05
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चीन विश्व के ऐसे देशों में से एक है , जिस ने पहले पहले जीवजंतु विविधिता संधि पर हस्ताक्षर किया है। चीन इस संधि के संबंधित अन्तरराष्ट्रीय मामलों में हमेशा सक्रिय रहा है और संधि के कार्यान्वयन के लिए विभिन्न अहम अन्तरराष्ट्रीय सवालों पर अपनी राय पेश करता है । चीन विश्व के उन चंद कुछ देशों में एक भी है , जिन्हों ने सर्वपहले इस संधि की कार्य योजना बनायी है । चीन ने वर्ष 199 4 में चीन में जीवजंतु विविधता संरक्षण कार्य योजना बनायी है , जिस के चलते पारिस्थितिकी संरक्षण कार्यवाहियों में पालन अमल के लिए नियमावली उपलब्ध हो सकती है । जंगली जानवर संरक्षण कानून के मुताबिक जंगली पशु संसाधन को बर्बाद करने वाले अपराध को मौत की सजा तक का दंड दिया जा सकता है ।

चीन सरकार के संबंधित विभाग जीव जंतु संसाधनों की कारगर रक्षा पर भारी महत्व देती आई है । वर्ष 2003 के जनवरी माह में चीनी विज्ञान अकादमी ने खात्मासन्न वनस्पतियों को बचाने वाली परियोजना का प्रवर्तन और आरंभ किया , जिस के अन्तर्गत 15 सालों के भीतर अकादमी के अधीनस्थ 12 वनस्पति उद्यानों में संरक्षण के लिए मौजूदा 13 हजार वन्य किस्मों की संख्या बढ़ा कर 21 हजार कर दी जाएगी और चार सौ 58 वर्ग किलोमीटर का कुल क्षेत्रफल वाला विश्व का सब से बड़ा वनस्पति उद्यान कायम किया जाएगा । इस परियोजना में दुर्लभ और खात्मासन्न वनस्पतियों के बचाव में तीस करोड़ य्वान की पूंजी लगायी जाएगी और छिनलिंग , ऊहान , सिश्वांगपांना तथा पेइचिंग में वन्य जीन बैंक बनाये जाएंगे ।

खात्मासन्न जंगली जानवर बचाव परियोजना में भी प्रारंभिक सफलता मिली है , अब देश भर में 250 जंगली पशु प्रजन्न केन्द्र कायम हुए हैं , इस के अलावा पांडा व रेड ईबिस बचाव परियोजना जैसी सात विशेष परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया । अब चीन का अमोल राष्ट्रीय जीव और जीवित पशु जीवाश्य कहलाने वाला जंगली पांडाओं की संख्या एक हजार से ज्यादा बनी रही और उन के जीवन की स्थिति लगातार सुधरती जा रही है । रेड ईबिसों की संख्या पहले के सात से बढ़ कर 250 हो गई और उस की नस्ल को लुप्त होने से बचाया जा रहा है । चीन के यांगत्सी नदी के मगर कृत्रिम पालन से करीब दस हजार की संख्या में उपलब्ध हो गए है , हाईनान द्वीप के स्लोप हिरणों की संख्या 26 से बढ़ कर 700 से अधिक हुई , विशेष स्थानीय सीगुलों की संख्या पहले के दो हजार से बढ़ कर दस हजार हो गई । बहुत मुश्किल से देखने को मिलने वाला बाघ भी उत्तर पूर्व चीन , पूर्वी चीन तथा दक्षिणी चीन में नजर आए हैं । ह्वाइट फ्लाग डोफिन के कृत्रिम पालन प्रजन्न का अनुसंधान भी तेज गति के साथ चल रहा है । जंगली पशु पक्षियों के गैरकानूनी शिकारी पर लगातार प्रहार किये जाने तथा अन्तरराष्ट्रीय पशु संरक्षण संगठनों के समर्थन के परिणामस्वरूप पहले अंधाधुंध व गैर कानूनी ढंग से शिकारी के कारण संख्या में तेजी से घटने वाले तिब्बती नीलगायों को भी संरक्षण का वरदान मिला , अब उन की संख्या 70 हजार के आसपास स्थिर बनी रही है ।

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