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चीन के पर्यावरण संरक्षण कार्य में प्रगति

2017-08-15 15:46:54
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पिछले तीस से अधिक सालों के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप चीन के पर्यावरण संरक्षण कार्य में विश्व सर्वमान्य उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं । आर्थिक ढांचे के समन्वय तथा घरेलू मांगों के विस्तार के साथ ही साथ चीन ने पर्यावरण संरक्षण के काम पर भी जोर लगाया । सकल स्थिति की दृष्टि से देश भर में पर्यावरण के बिगड़ने की प्रवृति पर आम तौर पर अंकुश लग चुका है । कुछ शहरों व क्षेत्रों में पर्यावरण की गुणवत्ता उन्नत हो गई है , जिस से चीन के अनवरत विकास की नणनीति को मूर्त रूप देने में योगदान किया गया ।

सरकार पर्यावरण संरक्षण पर महत्व देती है

वर्ष 1997 से चीन सरकार ने लगातार सात सालों तक देश की राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा तथा जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन की राष्ट्रीय कमेटी के सम्मेलनों के आयोजन के दौरान बैठक बुला कर पर्यावरण संरक्षण के बारे में रिपोर्ट सुनी और इस के बारे में प्रबंध किया । चीनी राज्य नेताओं का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण का देश के शक्तिशाली व समृद्ध होने से घनिष्ठ संबंध है और वह देश की पर्यावरण सुरक्षा से जुड़ा हुआ है , पर्यावरण संरक्षण का सारतत्व उत्पादन शक्ति की रक्षा करना है । पर्यावरण व विकास की बहुमुखी निर्णय व्यवस्था को स्थापित करने तथा सुधारने के लिए विभिन्न स्थानीय अधिकारियों को खुद पर्यावरण संरक्षण कार्य संभालना और इस की पूरी जिम्मेदारी उठाना चाहिए । देश में एकीकृत निगरानी व प्रबंधन को मजबूत करना चाहिए , पर्यावरण संरक्षण में ज्यादा निवेश करना चाहिए और जन समुदाय को संरक्षण काम में हाथ बंटाने के लिए गोलबंद करना चाहिए । प्रदूषण की रोकथाम व सुधार तथा पारिस्थितिकी रक्षा को साथ साथ महत्व देना चाहिए , प्रमुख मामलों पर बल देते हुए देश के प्रमुख शहरों , क्षेत्रों , नदी के घाटी क्षेत्रों तथा समुद्रीय जल क्षेत्रों में प्रदूषण पर नियंत्रण सुदृढ किया जाना चाहिए ।

पर्यावरण के प्रदूषण पर सफल नियंत्रण

इधर के सालों में चीन ने गंभीर प्रदेषण देने वाले 84 हजार छोटे कारखानों को बन्द कर दिया । प्रदूषण देने वाले अन्य दो लाख 38 हजार औद्योगिक कारोबारों के 90 प्रतिशत से अधिक वालों की प्रमुख प्रदूषित वस्तुओं की निकासी मात्रा मापदंड पर उतरी है ।

सरकार द्वारा निश्चित प्रमुख क्षेत्रों में प्रदूषण निपटारा परियोजनाओं में चरणिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं । चीन के ह्वीह नदी के मुख्य घाटी क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति खासा सुधर गई । हाईह और ल्याओह नदी के घाटी क्षेत्रों में प्रदूषण भी कम हो गया , थाईहु झील में जल गुणवत्ता बिगड़ने की स्थिति नियंत्रण में कर रखी गई , त्यानछी झील में हद से ज्यादा पोषक तत्व मौजूद होने की स्थिति भी सुधर गई , छाओहु झील में पोषक तत्वों के बिगाड़ की स्थिति पर बुनियादी तौर पर काबू किया गया । पूर्व निश्चित क्षेत्रों में सल्फस डिओक्सीड निकासी की कुल मात्रा घट गई और एसिड वर्षा का दायरा और उस की आवृत्ति स्थिर बने रहे । पे��चिंग के वायु प्रदूषण पर नियंत्रण में असाधारण सफलता मिली और पोहाई समुद्र में प्रदूषण निपटारे का काम चौतरफा तौर पर शुरू हो गया ।

पारिस्थितिक पर्यावरण संरक्षण व निर्माण सुदृढ़

चीन में प्रदूषण के नियंत्रण व निपटारे तथा पारिस्थितिकी सरंक्षण को समान महत्व देने तथा पारिस्थितिकी संरक्षण तथा आर्थिक निर्माण साथ साथ चलाने की नीति लागू होती है , इस तरह पारिस्थितिकी संरक्षण तथा आर्थिक निर्माण दोनों की गति तेज कर दी गई । देश भर में कुल एक हजार दो सौ 27 प्रकृति संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना हुई , जिन का कुल क्षेत्रफल 9 करोड़ 82 लाख 20 हजार हैक्टर है , जो देश की थल भूमि के रकबे का 9.85 प्रतिशत रहा । सरकार ने चार प्रांत को पारिस्थितिक प्रांत के रूप में निर्मित करने तथा 220 क्षेत्रों को राष्ट्रीय स्तर के प्रायोगात्मक मिसाली इकाई का रूप देने की पुष्टि की ।

मौजूदा वन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पहाड़ों पर वृक्ष कटाई की पाबंदी तथा वृक्षरोपन की परियोजनाएं की गई , जिन का कुल क्षेत्रफल 7 करोड़ 78 लाख मू है(15 मू एक हैक्टर के बराबर है ) । देश के 13 प्रांतों , स्वायत्त प्रदेशों तथा केन्द्र शासित शहरों में प्राकृतिक वनों की कटाई पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगायी गई , अब चीन की भूमि के 16.5 प्रतिशत भाग पर जंगल आच्छादित है ।

पर्यावरण संरक्षण कानून व्यवस्था के निर्माण में प्रगति

अब चीन ने वायु प्रदूषण नियंत्रण व सुधार कानून , जल प्रदूषण नियंत्रण कानून , समुद्री पर्यावरण संरक्षण कानून के साथ कर्कश ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण विधेयक , जल प्रदूषण नियंत्रण व सुधार कानून की कार्यान्वयन नियमावली , निर्माण मुद्दों में पर्यावरण संरक्षण नियमावली जैसे पर्यावरण संरक्षण कानून कायदे बनाये हैं । अब तक चीन ने 6 पर्यावरण संरक्षण कानून , दस संबंधित संसाधन संरक्षण कानून तथा तीस से अधिक पर्यावरण संरक्षण विधेयक जारी किए है , 90 से अधिक पर्यावरण संरक्षण नियमावली लागू किए है और 430 राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण मापदंड बनाये हैं , स्थानीय पर्यावरण संरक्षण कानून कायदों की संख्या 1020 दर्ज हुई है ।

पर्यावरण संरक्षण में निवेश की वृद्धि

वर्ष 1996 से 2000 के अंत तक चीन ने देश के पर्यावरण संरक्षण में जो पूंजी लगाई थी , उस की कुल रकम तीन खरब 60 अरब य़्वान तक पहुंची थी ,जो वर्ष 1990 से 1995 तक के निवेश से दो खरब 30 अरब य्वान ज्यादा थी , यह रकम देश के जी.डी.पी का 0.93 प्रतिशत थी । इधर के कुछ सालों में चीन की केन्द्रीय वित्तीय संस्थाओं ने दीर्घकालीन राजस्व बांड जारी किए है , उन में से 46 अरब य्वान का प्रदूषण रोकथाम तथा पारिस्थितिकी निर्माण में किया गया है , इस से देश के पर्यावरण की क्वालिटी सुधारने तथा आर्थिक वृद्धि को गति देने में मदद मिलेगी ।

नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण की चेतना उन्नत

चीन के पूरे समाज में पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देने , इस कार्य का समर्थन करने तथा संरक्षण कार्यवाही में भाग लेने का उत्साह उत्तरोतर उन्नत होता जा रहा है । वर्ष 1998 --1999 में चीनी राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण ब्यूरो और शिक्षा मंत्रालय के निमंत्रण पर पेइचिंग विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय स्थिति अनुसंधान केन्द्र ने देश के 31 प्रांतों, स्वायत्त प्रदेशों तथा केन्द्र शासित शहरों के अधीनस्थ एक सौ 39 काउंटियों के दस हजार परिवारों का सर्वेक्षण किया , जिस के परिणाम से पता चला कि पर्यावरण संरक्षण सवाल समाज का ध्यानाकर्षक सवाल रहा है । पर्यावरण संरक्षण संबंधी शिक्षा देश के नौ वर्ष की अनिवार्य शिक्षा में शामिल की गई है । हरित स्कूल और हरिक सामुदायिक बस्तियों का निर्माण अभियान समाज की ओर से लगातार समर्थन पा रहा है ।

चीन सरकार पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों में जन समुदाय के भागीदारी बढ़ाने की कोशिश करती रही है । देश में पर्यावरण संरक्षण के बारे में रिपोर्ट देने के लिए 12 हजार तीन सौ 69 तेलीफोन लगाये गए ।पर्यावरण की सूचना सार्वजनिक करने में जोर पकड़ने के लिए क्रमशः 47 प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता की दैनिक रिपोर्ट व भविष्यवाणी सार्वजनिक की जाने की व्यवस्था कायम हुई , प्रमुख नदियों के मुख्य भागों की जल गुणवत्ता की साप्ताहिक रिपोर्ट तथा प्रमुख समुद्री जल क्षेत्रों की जल गुणवत्ता की साप्ताहिक रिपोर्ट दी जाने की व्यवस्था लागू हुई । हर साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बीते साल की देश की पर्यावरण गुणवत्ता संबंधी विज्ञप्ति जारी की जाती है ।

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