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चीन अमरीका संबंध

2017-08-15 14:41:04
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वर्ष 1972 के फरवरी में अमरीकी राष्ट्रपति निक्सन ने चीन की यात्रा की , चीन व अमरीका ने चीन अमरीका संयुक्त विज्ञप्ति यानी शांगहाई विज्ञप्ति जारी किया, जो इस का प्रतीक है कि चीन व अमरीका के बीच 20 से ज्यादा वर्षों में एक दूसरे से अलग थलग होने की स्थिति समाप्त हो गयी है। वर्ष 1978 के 16 दिसम्बर को चीन व अमरीका ने चीन लोक गणराज्य और युनाइटेड स्टेटस् आफ अमरीका के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना संबंधी संयुक्त विज्ञप्ति जारी की गई । वर्ष 1979 के पहली जनवरी को चीन व अमरीका ने औपचारिक रुप से राजदूत स्तरीय राजनयिक संबंधों की स्थापना की। वर्ष 1982 के 17 अगस्त को चीन व अमरीका ने 17 अगस्त विज्ञप्ति को जारी किया और अमरीका द्वारा थाईवान को हथियारों की बिक्री के सवाल को कदम ब कदम से अंत में पूरी तरह हल करने का निर्धारण किया ।

वर्ष 1984 के जनवरी में चीनी प्रधान मंत्री ने अमरीका की यात्रा की, अप्रैल माह में अमरीकी राष्ट्रपति रिगन ने चीन की यात्रा की। वर्ष 1985 के जुलाई में चीनी राष्ट्राध्यक्ष ली श्ये न्येन ने अमरीका की यात्रा की। यह चीनी राजाध्यक्ष की प्रथम अमरीका यात्रा है।

वर्ष 1998 के जनवरी में, अमरीकी रक्षा मंत्री विलियम कोएन ने चीन की यात्रा की। चीन व अमरीका ने चीन व अमरीका के रक्षा मंत्रालयों द्वारा समुद्री सैनिक सुरक्षा पर सलाह मश्विरा को मजबूत करने की व्यवस्था की स्थापना के समझौते पर हस्ताक्षर किये। 25 मई को चीनी राष्ट्राध्यक्ष चांग ज मिन ने अमरीकी राष्ट्रपति क्लिनटन के साथ गोपनीय टेलिफोन लाइन , जो मई में खोली गयी थी, पर सीधी बातचीत की और दक्षिण एशियाई परिस्थिति और चीन अमरीका संबंध पर वार्ता की।

वर्ष 1998 के 25 जून से 3 जुलाई तक, चीनी राष्ट्राध्यक्ष चांग ज मिन के निमंत्रण पर अमरीकी राष्ट्रपति क्लिन्टन ने चीन की राजकीय यात्रा की। चीनी राष्ट्राध्यक्ष चांग ज मिन और अमरीकी राष्ट्रपति क्लिन्टन के साथ वार्ता की। दोनों ने चीन व अमरीका के बीच महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समस्याओं पर वार्तालाप व सहयोग को और मजबूत करने पर मंजूरी दी। दोनों नेताओं ने 21वीं शताब्दी के उन्नमुख चीन अमरीका रचनात्मक रणनीतिक साझेदार संबंधों की स्थापना के लक्ष्य की ओर तेज़ गति से बढ़ने के लिए उभय प्रयास करने पर मंजूरी दी। दोनों ने यह निर्णय लिया कि एक दूसरे को अपने नियंत्रण वाले रणनीतिक नाभिकीय हथियारों का निशाना न बनाऐंगे। दोनों नेता इस बात पर सहमत हैं कि वे आर्थिक व वित्तीय क्षेत्र में रणनीतिक वार्तालाप को और मजबूत करेंगे और विश्व अर्थतंत्र व अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग व्यवसाय के अच्छे विकास को बढ़ाने के लिए सक्रिय योगदान करेंगे ।

वर्ष 1999 के पहली जनवरी को चीनी राष्ट्राध्यक्ष चांग ज मिन और अमरीकी राष्ट्रपति क्लिन्टन ने चीन व अमरीका के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक दूसरे को बधाई पत्र भेजा। 6 से 14 जून को चीनी प्रधान मंत्री जू रोन जी ने अमरीका की औपचारिक यात्रा की। यह पिछले 15 वर्षों में किसी चीनी प्रधान मंत्री की प्रथम अमरीकी यात्रा थी।

वर्ष 1999 के 8 मई को पेइचिंग समय के अनुसार, तड़के पांच बजकर 45 मिनट पर, अमरीका के नेतृत्व वाले नाटो ने पांच सिमाइलों से भिन्न भिन्न दिशा से युगोस्लाविया स्थित चीनी दूतावास पर हमला किया , जिस से तीन चीनी संवाददाताओं की मृत्यु हुईं, दूतावास के 20 से ज्यादा कर्मचारी घायल हुए और दूतावास के मकान गंभीर रुप से नष्ट हुए । चीनी जनता ने अमरीका की इस अपराधिक हरकत के प्रति असीम क्रोध प्रकट किया। इस घटना ने चीन व अमरीका के संबंधों पर कुछ हद तक प्रभाव डाला था।

11 सिम्बर को चीनी राष्ट्राध्यक्ष चांग ज मिन ने अमरीकी राष्ट्रति क्लिन्टन के साथ न्यूजीलैंड के ओक्लेंया में एपेक संगठन के नेताओं के अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया और दोनों के बीच वार्ता हुई, जिस में सकारात्मक उपलब्धियां प्राप्त हुईं।

वर्ष 2000 में चीन व अमरीका के बीच विभिन्न क्षेत्रों के उच्च स्तरीय आवाजाही व सहयोग में वृद्धि आई। 15 दिसम्बर को अमरीकी कांग्रेस ने समग्र अनुदान कानून पारित कर अमरीका द्वारा युगोस्लाविया स्थित चीनी दूतावास पर हमले में हुए माली नुकसान के लिए 2 करोड़ 80 लाख अमरीकी डॉलर का मुआवज़ा देने का निर्णय लिया।

वर्ष 2001 के पहली अप्रैल को अमरीका के एक ई पी- 3 सैनिक टोही विमान ने चीन के हाई नान द्वीप से दक्षिण पूर्वी 104 किलोमीटर दूर समुद्र के ऊपर आकाश में चीन की टोह की और उस की निगरानी करने वाले एक चीनी सैन्य विमान को टक्कार मार कर नष्ट कर दिया, जिस से चीन विमान चालक वांग वेई मारे गये। अमरीकी विमान चीन की अनुमति के बिना चीन के प्रादेशिक आकाश में प्रवेश कर गया और हाई नान द्वीप के लिन श्वे सैनिक हवाई अड्डे पर उतरा। 11 अप्रैल को तत्कालीन चीनी विदेश मंत्री थांग चा श्वेन ने अमरीका सरकार के पूर्ण प्रतिनिधि प्राप्त चीन स्थित अमरीकी राजदूत श्री प्रीह द्वारा अमरीका सरकार की ओर से चीन को विमान टक्कर घटना के लिए दिये गये क्षमा पत्र को स्वीकार लिया।

11 सितम्बर को अमरीका के न्यूयार्क व वाशिन्टन सी .डी क्षेत्र में आतंकवादी हमले किये गये, जिन से भारी जानी माली नुकसान हुआ । 19 अक्तूबर को चीनी राष्ट्राध्यक्ष चांग ज मिन ने शांगहाई में अमरीकी राष्ट्रपति बुश के साथ भेंट वार्ता की और चीन अमरीका संबंध, आतंकवाद विरोध जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं पर गहन रुप से रायों का आदान प्रदान किया और अनेक सहमत्तियां भी प्राप्त कीं। दोनों नेताओं ने चीन व अमरीका के बीच रचनात्मक सहयोग संबंधों का विकास करने में लग्न होने पर मतैक्य प्राप्त किया।

वर्ष 2002 में चीन व अमरीका के संबंधों में कुछ गतिरोध आए थे, फिर भी आम तौर पर ये संबंध सुधार व विकास की दिशा में बरकरार रहे । 21 से 22 फरवरी तक चीनी राष्ट्राध्यक्ष चांग ज मिन के निमंत्रण पर अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने चीन की राजकीय यात्रा की। दोनों देशों के नेताओं के बीच फिर एक बार भेंटवार्ता हुई। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों तथा हालिया अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति पर गहन रुप से विचार विमर्श किया। दोनों ने यह मतैक्य प्राप्त किया कि वे वार्तालाप व सहयोग को मजबूत करके मतभेदों का अच्छी तरह निपटारा करेंगे , ताकि चीन व अमरीका के बीच रचनात्मक सहयोग संबंधों को आगे विकसित किया जाए। श्री चांग ज मिन ने श्री बुश के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया और अक्तूबर में मैक्सिको के एपेक में भाग लेने से पहले अमरीका की यात्रा की। श्री बुश के साथ वार्ता में श्री चांग ज मिन ने इस बात पर जोर दिया कि थाईवान समस्या का अच्छी तरह निपटारा करना चीन अमरीका संबंधों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री बुश ने यह दोहराया कि अमरीका एक चीन की नीति पर कायम रहता है, चीन अमरीका तीन संयुक्त विज्ञप्तियों का पालन करता है। यह अमरीका सरकार द्वारा लम्बे अरसे से अपनायी जाने नीति है और वह कभी नहीं बदलेगी।

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