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खाद्य पदार्थों से रोगों का इलाज

2017-08-15 15:40:38
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प्राचीन काल में चीनियों ने प्राकृतिक पदार्थों से औषधि बनाना सीखा था , और परंपरागत चीनी औषधि का आविष्कार किया था । परंपरागत चीनी चिकित्सा पद्धति के अनुसार चिकित्सा लोगों के रोज़मर्रा के खाद्य पदार्थों से जुड़ी है । दवा भी खाद्य पदार्थों में शामिल है जबकि खाद्य पदार्थ भी खुद दवा बन सकता है । इसतरह चीन में खाद्य पदार्थ से इलाज करने तथा दवा को खाद्य पदार्थ में शामिल करने दोनों तरीके इस्तेमाल किये जाते हैं । चीनियों का ऐसा मानना है कि रोगों के इलाज में उचित खाद्य पदार्थ दवा से भी अच्छा होता है । उचित खाद्य पदार्थों के जरिये रोगों का इलाज करने का उपाय प्राचीन काल से अब तक प्रचलित है ।

दवा को खाद्य पदार्थ से जोड़ने तथा दवा की दुकान को रसोईघर के साथ जोड़ने का विचार प्राचीन काल के चाओ राजवंश (ईसा पूर्व 1046 से ईसा पूर्व 256 तक) के काल में ही पैदा होने लगा था । प्राचीन काल में खाद्य पदार्थों से रोगों का इलाज करने की बहुत सी पुस्तकें थीं । थांग राजवंश (सन् 618-907) के महान चिकित्सक सुन सिम्याओ ने अपनी चिकित्सा पद्धति पुस्तक छिआनचिन-फांग तथा छिआनचिन-ई-फांग में विशेष तौर पर खाद्य पदार्थों से रोगों का इलाज करने के तरीकों का वर्णन किया है, जिसका चीन की चिकित्सा पद्धति के विकास पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा है ।

महान चिकित्सक सुन सिम्याओ का मानना है कि मनुष्य का स्वास्थ्य उचित खाद्य पदार्थों पर आधारित होता है । अंधाधुंध दवा खाने का कोई लाभ नहीं है । चिकित्सकों को सर्वप्रथम रोगों के कारण का पता लगाना चाहिये और फिर रोगियों को उचित खाद्य पदार्थ का परिचय देना चाहिये । अगर खाद्य पदार्थ लेने से भी रोग ठीक न हो , तभी दवा देने की जरूरत है । चीनी नागरिकों में खाद्य पदार्थों से रोगों का इलाज करने का तरीका महान चिकित्सक सुन सिम्याओ के विचारों पर ही आधारित है ।

महान चिकित्सक सुन सिम्याओ खुद सौ वर्ष से अधिक उम्र तक जीवित थे । लोग उन की दीर्घायु को देखकर उन की विचारों को ग्रहण करने लगे । इसतरह चीनियों ने अधिक से अधिक खाद्य पदार्थों के जरिये रोगों का इलाज करना और स्वास्थ्य सुरक्षित करना शुरू किया ।

खाद्य पदार्थों को दवा के रूप में प्रयोग किया जा सकता है । चीनियों को इस बात की पर्याप्त जानकारी रहती है कि रोज़मर्रा की उपयोगी सब्जियों तथा दूसरे भोजन से किस तरह रोगों का इलाज किया जा सकता है । मिसाल के तौर पर अदरक , प्याज़ और शक्कर को पानी में उबाल कर सूप बनाया जाता है , जिससे जुकाम का इलाज किया जा सकता है । चीनियों का ऐसा भी मानना है कि रात को सोने से पहले मूली खानी चाहिये और सुबह उठते समय अदरक खानी चाहिये । इस के अलावा नमक , सिरका , प्याज़ और लहसुन आदि रोज़ के उपयोगी खाद्य पदार्थों का आज तक अनुसंधान किया जा रहा है । आजकल कुछ चीनी लोग कोकाकोला में सिरका डालकर या अदरक डालकर उसे उबालते हैं और पीते हैं । इससे सर्दी का इलाज किया जा सकता है, ऐसा माना जाता है ।

फूल भी चीनी भोजन में शामिल है । ईसा पूर्व छठवीं व सातवीं शताब्दी के वसंत व पतझड़ काल में चीनियों ने फूलों को भोजन में शामिल करना शुरू किया था , फिर सातवीं शताब्दी के थांग राजवंश में फूलों को भोजन के रूप में खाने का रूझान बना ।

दुनिया में हजारों किस्म के फूल हैं । केवल उत्तरी चीन में ही सौ से अधिक किस्म के खाद्यजनक फूल हैं । पता चला है कि दक्षिण पश्चिमी चीन के यूननान प्रांत में 260 किस्म के खाद्यजनक फूल उगते हैं ।

दवा भोजन भी चीनियों में प्रचलित है जिसका मतलब है दवा को भोजन के रूप में खाकर रोगों का इलाज करना । दवा भोजन का प्राचीन काल से आज तक व्यापक रूप से चलन है । चीनी लोग अक्सर दलिया , केक , सूप और सब्जियों में जरूरत के अनुसार दवा डालते हैं । चीन में दवा भोजन के विशेष भोजनालय भी है । दवा भोजन की तरह तरह की किस्में हैं और इन की अपनी अपनी विशेषताएं हैं । मिसाल के तौर पर बाल बच्चों के पेट कमजोर होने के इलाज के लिए एक विशेष दलिया ���िलाया जाता है जिसे कुछ दवा व चावल के साथ बनाया जाता है । और एक मिसाल है कि कुछ विशेष दवा के जरिये बनाये गये सूप से जुकाम का इलाज किया जा सकता है तथा चीनी दवा रनशन की जड़ का सूप पीने से कमजोरी को दूर किया जा सकता है ।

लेकिन चीन सरकार के खाद्य पदार्थों के स्वास्थ्य कानून के अनुसार खाद्य पदार्थों में दवा डालने की मनाही है , लेकिन लोक रीति-रिवाज़ों में खाने से दवा डालने का चलन रहा है । इस बात को ध्यान में रखकर चीन सरकार ने सूखी अदरक समेत दर्जनों दवाओं की नामसूची प्रकाशित की है जिसे दवा भोजन में शामिल किया जा सकता है । चीन का दवा भोजन देश में प्रचलित होने के अतिरिक्त विश्व बाजार में भी अपनी जगह बनाने लगा है । चीन में उत्पादित गुलदाऊदी से बनी शराब तथा दवा के साथ बने जैतून अधिकाधिक विदेशियों के खाने की मेज़ पर सजने लगे हैं ।

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