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द्वेन वू त्योहार

2017-08-15 15:34:42
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चीनी पंचांग के अनुसार, पांच मई को द्वेन वू त्योहार है चीन के प्रमुख तीन त्योहारों में से एक माना जाता है।

इस त्योहार को 'द्वेन वू' क्यों कहते हैं ? कारण यह है कि चीनी शब्द 'द्वेन' का मतलब शुरुआत है। चीनी भाषा में मई माह को वू व्ये कहा जाता है। इसलिए, मई का पांचवां दिन द्वेन वू लोग कहलाता है।

द्वेन वू त्योहार कब से शुरु हुआ, इस के बारे में भिन्न कथन प्रचलित हैं। कुछ लोग मानते हैं कि द्वेन वू त्योहार पुराने चीन के यांत्सी नदी के निकट रहने वाले लोगों द्वारा ड्रैगन की पूजी करने के साथ शुरु हुआ। लेकिन, सब से ज्यादा लोक प्रलित कथा के अनुसार, यह त्योहार प्राचीन देशभक्त कवि छ्वू की स्मृति में मनाया जाता है। छ्वू व्येन ईसापूर्व तीन शताब्दी के छ्वू राज्य में रहते थे। उन की मातृभूमि पर जब दुश्मन ने कब्जा कर लिया, तो कवि छ्वू व्येन को बहुत दुख हुआ और उन्होंने मीरो नामक नदी में छलांग लगा कर आत्महत्या कर ली। वह दिन पांच मई का दिन था, इसलिए, हर वर्ष पांच मई को, चीनी लोग छ्वू व्येन की स्मृति में चावलों द्वारा बनाये गये ज्योंग ज नामक खाद्य पदार्थ को नदी में डाल कर छ्वू व्येन की पूजा करते हैं।

जुंग ज़ी खाना द्वेन वू त्योहार का सब से महत्वपूर्ण रीति रिवाज है। वह बांस के पत्तों में चावल अंदर बांधकरके बनाया जाता है।द्वेन वू त्योहार की पूर्वसंध्या पर, चीन के हर परिवार में जुंग ज़ी बनता है। इतना ही नहीं, जुंग ज़ी द्वेन वू त्योहार के दिन एक दूसरे को उपहार के रुप में भी दिया जाता है।

द्वेन वू त्योहार में लोग जुंग ज़ी खाने के अलावा, बत्तखों के अंड्डे भी खाते हैं और शराब पीते हैं।

खाने के अलावा, द्वेन वू त्योहार में लोग अपने द्वार पर एई छ्याओ नामक घास भी टांगते हैं, जिस का मतलब लोगों को रोगों से बचाना है। द्वेन वू त्योहार पर, बड़े लोग अकसर छोटे बच्चों की गरदन पर रंगीन रेश्मी धागा भी टांगते हैं, जिस का अर्थ बच्चों को सुरक्षा व सौभाग्य देना है।

दक्षिण चीन के यांत्सी नदी के निचले क्षेत्र में, ड्रैगन के आकार वाली नाव प्रतियोगिता का आयोजन भी द्वेन वू त्योहार के महत्वपूर्ण रीति रिवाजों में से एक है। इस रीति रिवाज का भी महा कवि छ्वू व्येन से घनिष्ठ संबंध है। कहा जाता है कि जब जनता को पता लगा कि छ्वू व्येन ने नदी में छलांग लगा दी है, तो लोगों ने जहाज चलाकर छ्वू व्येन को बचाने की कोशिश की। बाद में हर वर्ष द्वेन वू त्योहार के दिन ड्रैगन नाव प्रतियोगिता का आयोजन करना धीरे धीरे एक रिवाज बन गया। द्वेन वू त्योहार के दिन आयोजित होने वाली यह नाव प्रतियोगिता बहुत शानदार होती है। कुछ जगहों में एक बार 50 से 60 नाव एक साथ दौड़ती हैं। सभी नाव ड्रैगन के आकार की होती है। नावों पर ढोल बजाने की ऊंची ऊंची आवाज़ें भी सुनायी देती हैं।

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