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मकबरा और समाधि का निर्माण

2017-08-15 15:06:06
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मकबरा निर्माण चीन के प्राचीन वास्तु निर्माण का एक अहम भाग है । प्राचीन चीनी लोग यह मान कर चलते थे कि मनुष्य की मृत्यु के बाद उस की आत्मा नहीं नष्ट होती है , इसलिए प्राचीन काल में चीनी लोग मनुष्य के अंतिम संस्कार तथा समाधि के निर्माण पर खासा महत्व देते थे , समाज के विभिन्न वर्गों के लोग अपने अपने बूते पर कब्रों के निर्माण को अच्छे से अच्छा बनाने की कोशिश करते थे । लम्बे एतिहासिक विकासक्रम में चीन में मकबरा और समाधि के निर्माण की तकनीक बहुत विकसित हो गई और विश्व में दुर्लभ विशाल सम्राटों व रानियों का मकबरा समूह बनाया गया । इन मकबरों और समाधियों में वास्तु कला के साथ चित्रकला , लिपि कला तथा नक्काशी व तराशी कला का भी विकास हो गया और मकबरा समाधि इन कलाओं को प्रतिबिंबित करने वाला बहुमुखी निर्माण बन गया ।

मकबरा समाधि का निर्माण प्राचीन चीनी वास्तु निर्माणों में सब से भव्य व विशाल निर्माण समूहों मे से एक मान्य है , सम्राटों और रानियों की समाधि आम तौर पर भू-स्थिति के अनुसार पहाड़ी तलहटी में निर्मित की गई है , बहुत कम मकबरा समतल मैदान पर है ।चीन के कुलीन मकबरा समाधि बहुधा चारों ओर दीवारों से घिरा हुआ है , चार दिशाओं में द्वार खोला गया , चार कोनों पर ऊंचे मंडप बनाए गए , समाधि के आगे लम्बा रास्ता बना है , जिस के दोनों किनारों पर पत्थर की मानव मुर्तियां और पशु की मुर्तियां रखी गई हैं । मकबरा परिसर में सदाबहार देवदार पेड़ और अन्य वृक्षों की घनी जंगल है , पूरा वातावरण गंभीरता और शांति का शकुन देता है ।

छिनशहुंग का मकबरा

चीन के प्रथम सामंत सम्राट छिन शहुंग का मकबरा श्यानसी प्रांत के सीआन शहर के पास लीशान पर्वत की उत्तरी तलहटी में स्थित है , वह चीन का सब से मशहूर सम्राट समाधि है । छिनशहुंग के मकबरे का निर्माण आज से दो हजार साल पहले हुआ , इस मकबरे के रक्षक बल के रूप में मकबरे के बगल में दफनाई गई चीनी मिट्टी की विशाल सिपाही व अश्व मुर्ति सेना को विश्व के आठवें प्राचीन आश्चर्य की संज्ञा दी गई है । छिनशहुंग मकबरे की सिपाहियों , अश्वों व रथों की मुर्ति सेना विराट और शक्तिशाली दिखती है , मुर्ति कला और निर्माण की शिल्प चोटी के स्तर की है , वर्ष 1987 में उसे विश्व विरासत सूची में शामिल कर सम्मानित किया गया । विश्व विरासत कमेटी ने इस की प्रशंसा करते हुए यह लिखा है कि छिनशहुंग मकबरे की चारों ओर दफनाई गई चीनी मिट्टी की सिपाही मुर्तियां नाना आकृतियों व विविध मुद्राओं में बनाई गई हैं , उन के घोडे , रणरथ तथा हथियार भी उत्कृष्ट वस्तुवादी कला कृतियां हैं , इन का अत्यन्य ऊंचा एतिहासिक मुल्य होता है ।

तस्वीरः छिन शहुंग मकबरे की सिपाही अश्व मुर्ति

श्यानसी प्रांत के सीआन शहर के निकट बड़ी संख्या में प्राचीन चीनी सम्राटों के मकबरे व समाधियां सुरक्षित हैं , छिन शहुंग मकबरे के अलावा पश्चिम हान राजवंश के 11 सम्राटों के मकबरे तथा थांग राजवंश के 18 सम्राटों के मकबरे उपलब्ध हैं । इन मकबरों में हान राजवंश के सम्राट ल्यूछ्ये का मौलिंग मकबरा पश्चिम हान राजवंश का सब से बड़ा मकबरा है , जिस के नीचे दफनाई गए मूल्यवान चीजें भी सब से ज्यादा हैं , वहां सुरक्षित चाओलिंग समाधि थांग राजवंश के सुप्रसिद्ध सम्राट ली शमिन की है , समाधि का क्षेत्रफल असाधारण विशाल है , इस क्षेत्र के भीतर सम्राट ली शमिन के 17 मंत्रियों व सेनापतियों के मकबरे भी शामिल किए गए थे , जिन्हों ने थांग राजवंश के लिए बड़ा योगदान किया था । चाओलिंग मकबरे की नीचे जो चीजें दफनाई गई थीं , वह सब की सब अमोल सांस्कृतिक और एतिहासिक अवशेष हैं , उन में सब से कीमती वस्तु थांग राजवंश की नक्काशी कृति षष्ट अश्व चित्रावली है ।

मिंग व छिंग राजवंशों के मकबरे

मिंग और छिंग राजवंशों के मकबरे अब तक सब से अच्छी तरह सुरक्षित हुए प्राचीन चीनी सम्राटों के मकबरे हैं ।

मिंग राजवंश के सम्राटों के मकबरे अधिकांश पेइचिंग के छांगफिंग क्षेत्र के पहाड़ों की गोद में स्थित है , पेइचिंग को अपनी राजधानी बनाने के बाद मिंग राजवंश के 13 सम्राट इसी जगह दफनाए गए थे , इसलिए इस मकबरा क्षेत्र को 13 लिंग यानी 13 समाधि कहलाता है । 13लिंग मकबरा छांगफिंग जिला नगर के उत्तर में फैले थ्येनसाओशान पहाड़ की तलहटी में एक छोटी बेसिन में आबाद हैं , जो एक ओर खुला है और अन्य तीन ओर पहाड़ों से घिरा है । इस छोटे बेसिन में फैले विभिन्न पहाड़ी ढलानों पर 13 सम्राटों और उन की रानियों की समाधियां बिखरी हुई नजर आती हैं , पूरे मकबरा क्षेत्र का रकबा 40 वर्ग किलोमीटर है , जहां मिंग राजवंश के 13 सम्राट , 23 सम्राज्ञियां और बहुत से रानियां ,राजकुमार , राजकुमारी तथा उन के साथ अनेकों दासियां दफनाए गए हैं ।

मिंग राजवंश के 13 सम्राटों का मकबरा अत्यन्त आलीशान , खूबसूरत और विशाल है , वहां प्राकृतिक सौंदर्य अनुठा है , भौगोलिक स्थिति शानदार और अतूल्य है , वहां जो सम्राटों के समाधि निर्माण सुरक्षित है , वे चीन में सब से ज्यादा , केन्द्रित और अक्षत हैं । 13 लिंग मकबरा क्षेत्र का सब से बड़ा और भव्य मकबरा छांगलिंग मकबरा ( सम्राट चु ती का समाधि ) और तिनलिंग मकबरा ( सम्राट चुश्युच्यन का समाधि ) है ।खुदाई से ज्ञात हुआ है कि तिनलिंग मकबरे का भूमिगत भवन पत्थरों से बनाया गया है और अत्यन्त मजबूत है , भूमिगत सुरंगों से पानी निकासी का बेहतर प्रबंध है , इसलिए मकबरे के भीतर पानी का जमाव नहीं है और पत्थर भी टूट नहीं पड़े । यह मकबरा प्राचीन चीन के भूमिगत वास्तु निर्माण के बेजोड़ उच्च स्तर का प्रतीक है ।

चीन में अब सुरक्षित सब से विशाल और वास्तु व्यवस्था की दृष्टि से सब से संपूर्ण शाही मकबरा छिंग राजवंश का पूर्वी मकबरा है , छिंग राजवंश का पूर्वी मकबरा 78 वर्ग किलोमीटर की भूमि पर फैला है , जहां पांच सम्राटों , 14 सम्राज्ञियों तथा सौ से अधिक रानियों की समाधियां मौजूद हैं । छिंग राजवंश के पूर्वी मकबरा क्षेत्र के सभी प्रमुख वास्तु निर्माण भव्य और खूबसूरत है , निर्माणों का शिल्प काम सूक्ष्म और बेमिसाल है ।

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