दोस्तो, वर्ष 2010 के शांगहाई विश्व मेले में उच्च विज्ञान व तकनीक वाले उत्पाद इधर-उधर मिल सकते हैं। और इस में लोगों के जीवन से जुड़ी सब से घनिष्ठ दो बातें, यानि यात्रा व यातायात भी शामिल हैं। यातायात के भिन्न-भिन्न उच्चतम साधन न सिर्फ़ लोगों को सुविधाजनक यात्रा दे सकेंगे, बल्कि ग्रीन हाऊस गैस से प्रदूषित पर्यावरण का सुधार भी कर सकेंगे। इस लेख में आप हमारे साथ विश्व मेले के उद्यान में जाकर वहां उच्च विज्ञान व तकनीक देखेंगे।
दोस्तो, विश्व मेले के उद्यान में स्थित गाड़ी भवन में वर्ष 2030 में चलेगा नामक एक फिल्म प्रस्तुत की जा रही है। इस फ़िल्म में वर्ष 2030 में शांगहाई के शहरी यातायात की स्थिति दिखायी गयी है। वह गाड़ी भवन में सब से प्रमुख प्रदर्शनी भी है। गाड़ी भवन की प्रधान सुश्री च्यांग श्याओ चे ने कहा कि हमने इसलिये कि वर्ष 2030 में शहरी यातायात को फिल्म का मुद्दा चुना, क्योंकि अनुसंधान के अनुसार शहरी यातायात में सब से उच्च विज्ञान व तकनीक के प्रसार-प्रचार में बीस वर्ष चाहिए। आशा है उस समय मानव का सपना सच हो जाएगा। उन्होंने कहा, शहर में रहने वाले लोगों को कपड़ा, भोजन, मकान व यात्रा भी चाहिए। गाड़ी व्यवसाय में न सिर्फ़ जिम्मेदारी होती है, बल्कि नयी ऊर्जा व गाड़ी से जुड़े सभी तकनीक क्षेत्रों का अध्ययन भी करना होता है। हम अपने अनुसंधान की सफलता विश्व मेले के मौके से विश्व के दर्शकों को दिखाना चाहते हैं। इस मुद्दे पर हमने लंबे समय तक अध्ययन किया है। हमें लगता है कि विज्ञान व तकनीक से प्रसार-प्रचार तक लगभग 20 वर्ष चाहिए। इसलिये वर्ष 2030 में चलेगा यह मुद्दा चुना।
आंकड़ों व अनुमान के अनुसार इस वर्ष विश्व की गाड़ियों की कुल संख्या 1 अरब तक पहुंचेगी। 40 वर्षों के बाद विश्व का तेल खत्म हो जाएगा। सारी जिन्दगी में लोग पांच साल से ज्यादा समय ट्रैफ़िक जाम में गवाएंगे। और हर वर्ष लगभग 12 लाख लोग यातायात की दुर्घटनाओं में मरेंगे। उन दुखांतों से बचने के लिये मानव को यातायात के नये साधनों व तरीकों का विकास करना पड़ेगा। फिल्म में हरित व सफेद दो रंगों वाली एक कंसेप्ट कार बहुत ध्यानाकर्षक है। पत्ता नामक यह गाड़ी प्रकाश संश्लेषण का प्रयोग करके सौर ऊर्जा को बिजली ऊर्जा में बदलने के साथ साथ कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोधन भी कर सकेगी। इस के अलावा गाड़ी के पहिये पर लगे हुए यंत्र पवन ऊर्जा को बिजली ऊर्जा में बदल सकेंगे। उन्होंने कहा, इस भवन में एस.ए.आई.सी. ग्रुप द्वारा स्वनिर्मित पत्ता नामक कंसेप्ट कार प्रदर्शित है। वह वर्ष 2030 में गाड़ी का एक मॉडल है। उदाहरण के लिये गाड़ी कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोधन कर सकती है। इस के अलावा वह सौर ऊर्जा व पवन ऊर्जा का प्रयोग भी कर सकती है।
सुश्री च्यांग श्याओ चे ने कहा कि हालांकि कंसेप्ट कार में निहित नयी तकनीक पक्की हो गयी है, लेकिन इस के प्रसार-प्रचार में लंबा समय लगेगा। इस में मोटर उद्यमों को लागत कम करने के लिये अध्ययन करना चाहिए, और विस्तृत उपभोक्ताओं को अपना विचार भी बदलना चाहिए। इस के अलावा सरकारी समर्थन व शहरी रास्तों से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का सुधार भी अनिवार्य है।
गाड़ी को छोड़कर साइकिल ने भी उच्च विज्ञान व तकनीक के दायरे में प्रवेश किया है। फ़ैशन व पर्यावरण संरक्षण वाली साइकिलें हमारे जीवन में और नज़दीक हो जाएंगी। शांगहाई विश्व मेले के ओडेनसे भवन का मुद्दा साइकिल व पर्यावरण संरक्षण है। हालांकि ओडेनसे की कुल जनसंख्या केवल 1 लाख 50 हजार है, लेकिन वह डेनमार्क का तीसरा बड़ा शहर है। वहां लोगों के विचार में हर दिन साइकिल चलाना एक बहुत आनंद की बात है। ओडेनसे भवन की प्रधान सुश्री सिगने ने कहा, ओडेनसे डेनमार्क में सब से बड़ा साइकिल शहर है। वहां हर एक की एक साइकिल होती है। और हर दिन लोग साइकिल चलाते हैं। यहां तक कि मेरी 87 वर्षीय दादी भी। हमारे शहर में साइकिल से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं हैं। उदाहरण के लिये मार्ग पर साइकिल की बहुत विशेष पटरियां हैं। बचपन से ही हम बच्चों को साइकिल चलाने की आदत डालते हैं।
ओडेनसे भवन के पास साइकिल की एक पीली पटरी है, जहां विश्व मेले के पर्यटक निःशुल्क ओडेनसे से आई साइकिलों का प्रयोग कर सकते हैं। चच्यांग प्रांत से आए युवा वू च्यांग ने संवाददाता से कहा कि, कुछ उच्च विज्ञान व तकनीक का विषय इस में शामिल है। उदाहरण के लिये इस की सामग्री व डिज़ाइन बहुत विशेष है। साधारण जीवन में मैं गाड़ी चलाता या बस में बैठता हूं। मुझे लगता है कि साइकिल चलाना बड़े शहरों में यातायात समस्याओं के समाधान के लिये लाभदायक होगा।
उन्नत डिज़ाइन, फ़ैशन, अच्छा स्वास्थ्य व पर्यावरण तथा विभिन्न सुविधाजनक कदम आदि कारणों से ओडेनसे के नागरिक सब से पहले साइकिल को चुनते हैं। इस की चर्चा में सेगने ने कहा कि, साइकिल चलाना लोगों के स्वास्थ्य के लिये लाभदायक है। हर दिन साइकिल से कसरत करके लोगों की आयु लंबी होती है। ओडेनसे के विश्वविद्यालय ने इस दिशा में खूब अनुसंधान किया है। पता चला है कि हर दिन साइकिल चलाने वाले लोगों की आयु अपेक्षाकृत ज्यादा लंबी है, और वे कम बीमार पड़ते हैं। इसलिये हमारे पास साइकिल न चलाने का कारण नहीं है। दूसरी तरफ़, अगर शहर में बुनियादी सुविधाएं हैं व पर्यावरण लोगों के लिये सुविधाजनक है, तो लोग साइकिल चलाना पसंद करते हैं। और हम साइकिल से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं के सुधार में जितना पैसा लगाएंगे, उतने लोग साइकिल का प्रयोग करना चाहेंगे।
सुरक्षा, सुविधा व पर्यावरण संरक्षण शहरी यातायात के विकास की दिशा है। न सिर्फ़ उन्नत कंसेप्ट कार, बल्कि परंपरागत साइकिल हमारी यात्रा को और सुरक्षित, तेज़ व हरित बनाने के साथ-साथ हमारे जीवन को भी बेहतर बनाएगी।(चंद्रिमा)
















