चीन ने मानवाधिकार परिषद में अमेरिका में गंभीर मानवाधिकार समस्याओं की ओर इशारा किया

2021-09-15 10:54:06

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 48वें सम्मेलन और मानवाधिकार के उच्चायुक्त कार्यालय के बीच बातचीत 14 सितंबर को आयोजित हुई। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र स्थित चीन के स्थाई प्रतिनिधि मंडल के दूत चांग तुएन ने कुछ देशों की ओर से एक संयुक्त भाषण दिया और अमेरिका में गंभीर मानवाधिकार समस्याओं के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की।

संयुक्त भाषण में कहा गया है कि अमेरिका लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार की उपेक्षा करता है, और उसके पास दुनिया का सबसे उन्नत चिकित्सा उपकरण और तकनीक है, लेकिन यह दुनिया में सबसे अधिक नए कोरोनावायरस संक्रमण और मौतों वाला देश बन गया है। अमेरिका ने महामारी के खिलाफ लड़ाई की विफलता की जिम्मेदारी से किनारा किया।

संयुक्त भाषण में कहा गया है कि अमेरिका में प्रणालीगत नस्लवाद और नस्लीय भेदभाव लंबे समय से मौजूद है। अफ्रीकियों, एशियाई, मुसलमानों जैसे अल्पसंख्यकों को भेदभाव और नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका ने लंबे समय तक निर्दोष अप्रवासियों को मनमाने ढंग से कैद किया है।

संयुक्त भाषण में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा शुरू किए गए युद्ध में बड़ी संख्या में आम लोग हताहत हुए और बेघर हो गए। अफगानिस्तान में स्थिति में बड़े बदलाव एक बार फिर दिखाते हैं कि सैन्य हस्तक्षेप और सत्ता की राजनीति अलोकप्रिय हैं।

संयुक्त भाषण ने अमेरिका से अपनी गलतियों को गंभीरता से प्रतिबिंबित करने और सुधारने और अपनी गंभीर मानवाधिकार समस्याओं को हल करने के लिए ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया। संयुक्त भाषण में मानवाधिकार परिषद और मानवाधिकार के उच्चायुक्त कार्यालय से अमेरिका में मानवाधिकार के मुद्दों पर लगातार ध्यान देने की अपील की गई और अमेरिका से अपने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों को ईमानदारी से पूरा करने का आग्रह भी किया गया।

(वनिता)

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