फिल्ट्रेशन तकनीक के बिना जापान ने परमाणु सीवेज के निर्वहन का फैसला कैसे किया

2021-06-22 17:31:41

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जापान सरकार फुकुशिमा परमाणु सीवेज निर्वहन परियोजना शुरू करने के बाद लगातार इसकी सुरक्षा व निर्भरता का प्रसार-प्रचार करती है। लेकिन जापानी मीडिया द्वारा 20 जून को जारी संबंधित रिपोर्ट के अनुसार वास्तविकता ऐसी नहीं है।

एनएचके की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी होल्डिंग्स समाज में खुले तौर पर फिल्ट्रेशन तकनीक मांग रही है, ताकि न्यूक्लाइड "ट्रिटियम" को परमाणु दूषित पानी में फ़िल्टर किया जा सके। यह खबर पढ़कर व्यापक नेटिज़नों ने यह आश्चर्य जताया कि फिल्ट्रेशन तकनीक के बिना जापान सरकार की परमाणु सीवेज के निर्वहन की हिम्मत कैसे हुई?

वास्तव में इस वर्ष के अप्रैल में जब जापान ने समुद्र में परमाणु दूषित पानी छोड़ने का फैसला किया, तो आसपास के देशों और विश्व की आम राय ने इस बात की निंदा की। लेकिन जापान ने मनमाने ढंग से काम किया और बारी-बारी झूठ बोलकर दुनिया में शंकाओं को दूर करने की कोशिश की। उदाहरण के लिये तकनीकी रूप से परमाणु दूषित जल का उपचार कैसे किया जाय? समुद्र में निर्वहन के बाद यह सीवेज समुद्र पर्यावरण पर क्या कुप्रभाव डालेगा? इस तरह के संवेदनशील व महत्वपूर्ण मामलों के प्रति जापान ने कभी जवाब नहीं दिया। यहां तक कि कुछ जापानी राजनीतिज्ञों ने मूर्खता से कहा कि लोग यह सीवेज का पानी पी सकते हैं। लेकिन किसी ने यह नहीं देखा कि किसी जापानी नागरिक ने इसे पीया हो।

चंद्रिमा

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