सीपीसी का 100 साल : चीन का गौरव का मार्ग

2021-05-16 14:53:51

                                            सीपीसी का 100 साल : चीन का गौरव का मार्ग

रविशंकर बसु

 

इस साल 1 जुलाई को  चीनी कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीसी की स्थापना की 100 साल पूरे होने के अवसर पर मैं सभी चीनी लोगों को लाल गुलाब की खुशबू के साथ अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दे रहा हूं |

1921 में सीपीसी की स्थापना हुई:-

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीसी  की स्थापना 1921 में की गयी थी ,जिस के संस्थापकों में दिवंगत महान चीनी नेता माओत्से तुंग शामिल थे। इसका उद्देश्य चीनी लोगों के लिए खुशी और चीनी राष्ट्र के लिए कायाकल्प ( Rejuvenation of China) करना है जो  सीपीसी की सफलता का नुस्खा है |  1921 में सीपीसी के  स्थापना के बाद तीन घटनाओं ने चीन  और पूरी दुनिया में एक स्थायी छाप छोड़ी| 1:चीन का कृषि क्रांति युद्ध (the Agrarian Revolutionary War(1927-37), 2 : चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध की विजय ( the War of Resistance against Japanese Aggression (1931-45) और 3 : 1949 में चीन कोमिंगतांग शासन से मुक्त होकर  चीनी लोक गणराज्य (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) की स्थापना । इन तीन ऐतिहासिक घटनाओं ने उस युग के विशेष महत्व को दर्शाया और  सीपीसी ने इन तीनों घटनाओं के पीछे ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी और चीन और पूरी दुनिया के लिए सीपीसी के योगदान का जश्न मनाने का हर कारण है |  यह celebration उस समय होने जा रहा है जब अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों ने सीपीसी के खिलाफ कलंक और शत्रुताएँ शुरू की हैं|

सीपीसी के अगुवाई में चीन की उन्नति:

100 साल पहले  चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना के बाद से, आज यह 90 मिलियन से अधिक सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है|यह गर्व की बात है कि सीपीसी सबसे बड़ी आबादी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश का नेतृत्व करता है| सीपीसी ने चीनी लोगों का विश्वास और समर्थन जीता है| सीपीसी का महान आत्मविश्वास सामाजिक शासन ,आर्थिक विकास, गरीबी उन्मूलन, संप्रभुता की रक्षा, कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में उसके प्रदर्शन से आता है| पिछले 70 सालों में चीन ने विभिन्न क्षेत्रों में महान कामयाबियां प्राप्त कीं, इसका क्रेडिट मेहनती चीनी जनता और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के  नेताओं का दूरदृष्टि का रिजल्ट है और साथ ही सीपीसी की प्रभावशाली उपलब्धियाँ भारत समेत अन्य देशों के लिए सबक प्रदान करती हैं |

गरीबी  उन्मूलन  पर चीन की पूरी जीत :-

नए चीन की स्थापना के बाद से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की क्रमिक  नेतृत्व ने (Mao Zedong ,Deng Xiaoping,Jiang Zemin, Hu Jintao and Xi Jinping) चीनी लोगों की उन्नति के लिए बहुत सारी  कल्याणकारी योजनाओं का अनुसरण कर रही है |  चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में गरीबी दूर करने में चीन की लड़ाई असंभव को संभव बनाने की कहानी है। 2012 में सत्ता में आने के बाद से ग्रामीण गरीबी उन्मूलन राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वपूर्ण पहल रही है। इस साल  25 फरवरी को, शी चिनफिंग ने देश को अत्यधिक गरीबी के अभिशाप से पूरी तरह मुक्त घोषित किया। चीन ने संयुक्त राष्ट्र के 2030 तक वैश्विक गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य से 10 साल पहले यह काम पूरा किया है| चीनी राज्य परिषद के न्यूज़ कार्यालय ने 6 अप्रैल को “मानव गरीबी उन्मूलन में चीन का अभ्यास” शीर्षक श्वेत पत्र जारी किया। 40 वर्षों के सुधार और खुलेपन से अब तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से गरीबी, विशेष रूप से ग्रामीण गरीबी को मिटाने में चीन की जबरदस्त सफलता एक उल्लेखनीय उपलब्धि है जिसे अब तक किसी ने भी हासिल नहीं किया है। पार्टी नेतृत्व, विभिन्न स्तरों पर सरकारें और चीनी समाज में हर व्यक्ति ने गरीबी उन्मूलन प्रयासों में अपनी रचनात्मक भूमिका निभाई। लगातार ईमानदार और कठिन प्रयासों से 80 करोड़ से अधिक गरीब आबादी को गरीबी से बाहर निकाला है। विशेष रूप से पिछले 8 वर्षों में लगभग 10 करोड़ (100 मिलियन) चीनी लोगों को अत्यधिक गरीबी के चंगुल से मुक्त किया गया है। चीन के गरीबी उन्मूलन से यह जाहिर है कि गरीबी की समस्या अपराजेय नहीं है। चीनी विशेषता वाले गरीबी-विरोधी अभियान का सफलता वैश्विक गरीबी में कमी और मानव विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।  गरीबी उन्मूलन में  चीन की असाधारण उपलब्धियां  भारत समेत दुनिया के अन्य विकासशील देशों के लिए सीखने के योग्य हैं।

गरीब क्षेत्रों में  चीन का छलांग :-

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा चीनी जनता का नेतृत्व करते हुए  "तीन ग्रामीण मुद्दे"  जैसा  कृषि क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्रों और अपने किसानों के कल्याण के विकास के मुद्दों को संबोधित करने के लिए विभिन्न तरीकों की खोज कर रहा है| हाल के कई वर्षों में चीन के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के प्रयोग करने की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। इस समय चीन  के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण की दर 18 प्रतिशत तक पहुंच गयी, जो वर्ष 2012 की अपेक्षा 7 प्रतिशत अधिक रही। ग्रामीण क्षेत्रों में फ़्रिज, वॉशिंग मशीन और एअर कंडिशनर की संख्या वर्ष 2012 की तुलना में दोगुनी हुई है। वर्ष 2020 के अंत तक देश के गरीब क्षेत्रों में नई और पुनर्निर्मित सड़कों की लंबाई 11 लाख किलोमीटर है और नए रेल मार्ग की लंबाई 35 हजार किलोमीटर है।

पिछले 100 वर्षों में सीपीसी ने कुछ गलतियों के साथ साथ ढेर सारी सफलताओं का आनंद भी लिया है| इस वर्ष 13 वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के चौथे  Session में ,चीनी नेताओं ने औपचारिक रूप से चीन के 14 वीं पंचवर्षीय योजना (2021-2025) को पेश किया जो  राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में सीपीसी का दूरदर्शी विचारों को दर्शाता है। चीनी नागरिकों को पता है कि उनके आगे एक उज्ज्वल भविष्य है। मुझे पूरा उम्मीद है कि चीन 2049 में एक समाजवादी और पूर्ण विकसित राष्ट्र होने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा ।

चीन के बारे में मेरा  अनुभव :

मैं चीन दो बार दौरा किया और मैंने अपने आँखों से आधुनिक चीन का विकास को देखा है | मुझे लगा था कि जीने के लिए जिन जिन चीजों का ज़रूरत है वो चीनी लोगों के पास पर्याप्त है | सड़क पर लोगों के साथ बातचीत करने के बाद मुझे यह एहसास हुआ कि   हर चीनी लोगो के पास सरकारी सुयोग सुबिधायें पहुँचता है और चीनी लोगों ने सरकार की हर कदम पर बहुत ही खुश है | मैं जहाँ जहाँ गया था जैसा की( Kunming , the Qianmen Street,the Tiananmen Square, Forbidden City, the Summer Palace, the Temple of Heaven,  the Great Wall, the Bird's Nest stadium and Water Cube) - इन सभी जगह पर मैंने देखा था की सड़क बहुत ही साफ़ सुथरा है | हर चीनी लोग विदेशी मेहमानों को  प्यार और खातिर करता है | मुझे लगा कि  हर चीनी लोगो के पास कार और स्मार्टफोन है | और वह लोग डिजिटल पेमेंट करने ज्यादा पसंद करते हैं | चीन का तरक्की देखकर मुझे लगा की कब हमारा देश चीन की तरह तरक्की करेगा | मुझे यह आशा है कि राजनीतिक विवाद और झगड़े को हटाकर दोनों देश कंधे से कंधा मिलाकर दोनों देश की जनता हित के लिए ज्यादा से ज्यादा काम करेगा |

लेखक: रविशंकर बसु, एक भारतीय विश्लेषक और टिप्पणीकार हैं। वह चीन के विकास, चीन-भारत संबंधों और "बेल्ट एंड रोड" पहल पर लिखते है।

संस्थापक

न्यू हराइजन रेडियो लिस्नर्स क्लब, हुगली जिला,पश्चिम बंगाल,भारत

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