महामारी में भारत में रह रहे चीनी छात्र

2021-05-11 10:12:56

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आजकल भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर जारी है। दर्जनों चीनी छात्र पढ़ाई आदि विभिन्न कारणों से भारत में रह रहे हैं ।हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप के संवाददाता ने कुछ छात्रों के साथ बातचीत की और उनके जीवन का हाल जाना ।

येन योयुएं दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के डिजिटल विज्ञान में एमएससी कर रहे हैं ।उनका सब्जेक्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई है। इस साल उनकी पढ़ाई का अंतिम साल है ।अचानक आयी कोविड-19 की दूसरी लहर से उनकी ज़िंदगी बदल गयी है।उन्होंने कहा कि दूसरी लहर आने के बाद दिल्ली में लॉकडाउन शुरू हुआ ।तब से मुझे सिर्फ ऑनलाइन कुछ सब्जी व फूड खरीदकर अपने रूम में खाना बनाना पड़ता है ।मैं बाहर नहीं जाता ।मैं सिर्फ रूम में पढ़ाई करता हूं।

चन शिंग हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में सामाजिक शास्त्र में एमए कर रही हैं ।उन्होंने बताया कि फाइनल एग्ज़ाम चल रहे थे ,पर तभी उनको क्लासेज़ स्थगित होने की सूचना मिली ।उनको पता चला कि महामारी की स्थिति गंभीर हो चुकी है ।उन्होंने बताया कि मुझे बहुत डर लगता है। क्योंकि स्थिति गंभीर है ।लेकिन आसपास के भारतीय लोग महामारी को उतनी गंभीरता से नहीं लेते।उन में से कई लोग मास्क नहीं पहनते ।मैं आत्म-सुरक्षा पर बड़ा ध्यान देती हूं ।

क्योंकि स्कूल के छात्रावास और आसपास के क्षेत्रों में कोरोना के पुष्ट मामले आए हैं ।कई चीनी छात्र दूसरों से संपर्क कम करने के लिए रात में बाहर जाते हैं ।

जेएनयू में पढ़ रहे येन याओयुएं ने बताया कि मैं छात्रवास में रहता हूं ।मैं अकसर रात में बाहर जाता हूं और दिन में  रूम में पढ़ाई करता हूं या आराम करता हूं। ताकि दूसरों से कम मिला जाय। मुझे पता लगा कि हमारे पास के छात्रावास में कोविड-19 संक्रमण का मामला आया है।

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येन याओयुएं ने बताया कि पिछले साल कोविड-19 की पहली लहर पैदा होने के बाद भारत स्थित चीनी दूतावास निरंतर चीनी छात्रों को महामारी रोधी सामग्री प्रदान करता रहा ।यह सामग्री उनके लिए बहुत मूल्यवान है ।इसी कारण उनको भारत में बने रहने का

 

साहस हुआ है ।उन्होंने बताया कि मेरी महामारी रोधी सामग्री मुख्य तौर पर चीनी दूतावास से आयी । भारत में बाहर जाकर संबंधित सामग्री खरीदना क्यों असुविधाजनक है ।चीन में ये सामग्री शायद सामान्य है ,लेकिन भारत में हमारे लिए ये बहुत मूल्यवान है।

चन शिंग ने बताया कि पिछले साल चीनी दूतावास ने उनको बहुत महामारी रोधी सामग्री भेजी ,अब तक खत्म नहीं हुई है ।पर नयी खेप की सामग्री फिर आ गयी है ।उन्होंने कहा कि भारत में महामारी रोधी सामग्री बहुत मूल्यवान है ,लेकिन वे कुछ सामग्री को जरूरतमंद सहपाठियों को देती हैं ।उन्होंने बताया कि मैं अपने सहपाठियों को मदद देने की पूरी कोशिश करती हूं ।अगर उनके पास मॉस्क नहीं हैं ,तो मैं उनको कुछ देती हूं और महामारी रोधी जानकारी भी देती हूं।

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येन याओयुएं ने बताया कि मातृभूमि ,परिजन और दोस्तों के समर्थन से उन्हें भारत में अकेलापन महसूस नहीं होता। उन्हें आशा है कि दूसरी लहर यथाशीघ्र ही काबू में लायी जाएगी और सामान्य जीवन जल्दी से लौटेगा। उन्होंने बताया कि चाहे भारत में चल रही महामारी हो या विश्व के अन्य जगहों में हो रही महामारी , मुझे उम्मीद है कि उसे जल्दी से नियंत्रित किया जा सकेगा।इसके बाद हम सब सामान्य काम और जीवन में लौट पाएंगे।(वेइतुंग)

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