08 अप्रैल 2021

2021-04-08 10:10:19

अनिलः सबसे पहले यह जानकारी...

अंतरिक्ष का 95 फीसद हिस्सा डार्क मैटर और डार्क एनर्जी से मिल कर बना है। बाकी का पांच प्रतिशत हिस्सा भौतिक पदार्थों से। इनमें ग्रह, नक्षत्र, तारे वे सभी आते हैं, जिन्हें हम देख सकते हैं। वैज्ञानिकों का मत है कि डार्क मैटर और डार्क एनर्जी ही वह कड़ी है, जिसने इस पूरे ब्रह्मांड को एक सिलसिलेवार ढंग से बांध रखा है। डार्क मैटर ऐसे पदार्थों से मिल कर बने हैं जो प्रकाश को सोख, छोड़ और परावर्तित नहीं करते। इस कारण अब तक के साधनों के बल पर इसे देख पाना संभव नहीं है।

वैज्ञानिक परिकल्पना कहती है कि डार्क मैटर और डार्क एनर्जी ही इस ब्रह्मांड का आधार है। इन्हीं पदार्थों से पूरे ब्रह्मांड का अस्तित्व बना है। इन पदार्थों की कोई विकसित समझ हमारे पास अब तक नहीं है। इसको समझ पाने का कोई ठोस आधार भी हमें अब तक नहीं मिला है। पर इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि इन पदार्थ का अस्तित्व नहीं होता। 

रिसर्च में यह पता चला है कि ग्रेविटेशनल बाइंडिंग एनर्जी जो कि ग्रहों, तारों और आकाशगंगा को स्थिर बनाये रखती है। अगर उसे कैलकुलेट किया जाए तो वह उतनी काफी नहीं होगी कि वह आकाशगंगा को थाम सके। खगोल वैज्ञानिकों को इस रिसर्च में पता चला कि ग्रेविटेशनल बाइंडिंग एनर्जी के साथ ब्रह्मांड में ग्रहों, तारों और आकाशगंगा का अन्तरजोड़ स्थापित नहीं हो सकता था। कुछ और ही अज्ञात चीज है जो इन्हें थाम रही है। वरना अब तक गुरुत्वाकर्षण कमजोर हो गया होता और सभी ग्रह, नक्षत्र तारे अपने परिक्रमा पथ से भटक गए होते। पर आज ये सभी स्थिर हैं। ऐसा क्यों है? ऐसा तभी हो सकता है जब इस ब्रह्मांड में हमारे द्वारा निरिक्षण किये गए द्रव्यमान से पांच गुना अधिक द्रव्यमान हो। यहीं से डार्क मैटर की अवधारणा सामने आई। डार्क मैटर ही वह मैटर है जो इस ब्रह्मांड को द्रव्यमान दे रहा है।

येल विश्विद्यालय के प्रोफेसर पीटर डोककुम ने अपनी टीम के साथ ड्रैगन फ्लाई 44 नामक आकाशगंगा का अध्ययन किया। इसमें उन्होंने पाया कि एक बड़ी आकाशगंगा होने के बावजूद ऐसा कैसे संभव हो सकता है कि इसमें कम तारे हों? कम तारों के साथ भी यह आकाशगंगा स्थिर थी। ये काफी चौकाने वाला विषय था, क्योंकि तारे कम होंगे तो आकाशगंगा के भीतर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव कम होगा। कम गुरुत्वाकर्षण के चलते तारे आकाशगंगा के भीतर टिक नहीं सकते। वह पथ से भटक जाएंगे और स्ट्रेंज स्टार्स की श्रेणी में आ जाएंगे। डोककुम और उसकी टीम ने यह अनुमान लगाया हो न हो कुछ ऐसा जरूर है जो इस आकाशगंगा को स्थिर रख रहा है।

नीलमः अब दूसरी जानकारी से रूबरू करवाते हैं। दिल्ली के पंजाब नेशनल बैंक में सीनियर मैनेजर के पद पर काम करने वाली महिला का अनोखा ऑपरेशन हुआ है। दरअसल, इस महिला का मुंह 30 साल से बंद था। इस महिला का मुंह एक गंभीर ऑपरेशन से खोला गया। 30 वर्षीय आस्था मोंगिया नामक इस महिला को डेढ़ महीना पहले सर गंगा राम अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में लाया गया, जहां इनका इलाज हुआ।

दरअसल, ये महिला जन्मजात विकार से पीड़ित थी। उसके जबड़े की हड्डी मुंह के दोनों तरफ से खोपड़ी की हड्डी से जुड़ गई थी, जिसके वजह से वो अपना मुंह नहीं खोल पा रहीं थी। इतना ही नहीं आस्था अंगुली से अपनी जीभ को छू तक नहीं सकती थी। इतने दिनों तक ये महिला केवल तरल पदार्थ पर जिंदा थी। मुंह नहीं खोल पाने के कारण उनके दांतों में इंफेक्शन भी हो गए थे।

बता दें कि आस्था मोंगिया को ये सब परेशानी जन्म से ही थी। सबसे बड़ी दिक्कत ये थी कि उसका पूरा चेहरा ट्यूमर की खून भरी नसों से भरा हुआ था, जिसके कारण कोई भी अस्पताल सर्जरी के लिए तैयार नहीं होते थे। आस्था के परिवार वालों ने उन्हें भारत, यूनाइटेड किंगडम और दुबई के बड़े अस्पतालों में दिखाया था, लेकिन सभी ने सर्जरी से मना कर दिया था।

सर गंगाराम अस्पताल के सीनियर प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर राजीव आहूजा ने बताया कि “जब हमने मरीज को देखा, तो परिवार को बताया कि सर्जरी बहुत ही जटिल (रिस्की) है और अत्यधिक रक्तस्राव से ऑपरेशन टेबल पर मौत भी हो सकती है। हमने प्लास्टिक सर्जरी, वैस्कुलर सर्जरी एवं रेडियोलॉजी विभाग की टीम बुलाई और बहुत विचार विमर्श करने के बाद इस जटिल सर्जरी को अंजाम देने का फैसला किया।

अनिलः अब एक और रोचक जानकारी... अमेरिका में 400 साल पुराने एक द्वीप पर पहला होटल तैयार किया गया है। 1 जून 2021 को ये होटल लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। बता दें कि ये आइलैंड यानी द्वीप यॉर्क का टेक हब है और यहां हजारों लोग रोजाना पहुंचते हैं। लेकिन इस आइलैंड पर अभी तक ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में होटल के खुल जाने से अब यहां आने वाले पर्यटन रुकने का भी आनंद ले सकेंगे।

बता दें कि 18 मंजिला इस होटल में कुल 244 कमरे, 2,000 किताबों वाली एक लाइब्रेरी समेत कई तरह की लग्जरी सुविधाएं लोगों को मिलेंगी। इस आइलैंड का नाम अमेरिका के 32वें राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के नाम पर रखा गया। अब यहां आने वाले पर्यटक आइलैंड पर रुकने का भी मजा ले सकेंगे। 3.21 किलोमीटर लंबा ये आइलैंड काफी खूबसूरत है।

रूजवेल्ट आइलैंड का इतिहास काफी पूराना है। इस आइलैंड को 1600 के आसपास बनाया गया था और इस पर नीदरलैंड्स के लोगों का कब्जा था। उस समय ये द्वीप ब्लैकवेल आइलैंड के नाम से जाना जाता था। लेकिन वर्ष 1637 में मूल रूप से अमेरिकियों ने इसे खरीद लिया था। इसके बाद साल 1950 में इस आइलैंड का नाम अमेरिका के 32वें राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के नाम पर रखा गया।

फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट द्वितीय विश्वयुद्ध और वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान बीसवीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक थे। वे अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे, जिन्होंने दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति पद की शोभा बढ़ाई। वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान, 1930 के दशक में फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ने रोजगार बढ़ाने, अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और आर्थिक सुधार के लिए कई बैंकों और एजेंसियों से समझौता किया था।

नीलमः अब अगली जानकारी का वक्त हो गया है। मधुमक्खियों को तो आपने देखा ही होगा। ये आकार में तो बहुत छोटी होती हैं, लेकिन अगर कहीं डंक मार दें तो उस जगह पर भयंकर दर्द होता है। क्या आपने किसी ऐसे शख्स को देखा है, जिसे बहुत सारी मधुमक्खियों ने घेर लिया हो? ऐसी एक घटना न्यू मैक्सिको में घटी है। यहां एक ऑफ ड्यूटी फायर फाइटर ने एक कार से मधुमक्खियों के झुंड को निकालने की कोशिश की, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि जानकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। दरअसल, मधुमक्खियों के झुंड को कार से हटाना उन्हें नागवार गुजरा और वो उस शख्स पर टूट पड़ीं और उसे काटने की कोशिश करने लगीं। 

दरअसल, हुआ कुछ ऐसा कि एक शख्स पार्किंग में अपनी कार खड़ी कर किराने की दुकान पर कुछ सामान खरीदने गया। इस दौरान कार का एक शीशा आधा खुला रह गया था। अब जब तक वह वापस कार के पास लौट कर आया, तब तक मधुमक्खियों ने उस खिड़की पर अपना छत्ता बना लिया था और कुछ मधुमक्खियां कार के अंदर भी मंडरा रही थीं।   

अब अपनी कार के अंदर मधुमक्खियों का झुंड देख शख्स घबरा गया और उसने मदद के लिए लास क्रसेस फायर डिपार्टमेंट को फोन किया। इस घटना को लेकर फायर डिपार्टमेंट ने फेसबुक पर एक पोस्ट भी डाला है। पोस्ट में लिखा है, 'ऑफ-ड्यूटी फायर फाइटर जेसी जॉनसन ने कार से मधुमक्खियों को निकालने की जिम्मेदारी ली। इसके लिए पहले उन्होंने आसपास के लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने को कहा, क्योंकि मधुमक्खियां आसपास के लोगों पर भी हमला कर सकती थीं।' 

फिर जेसी जॉनसन ने मधुमक्खियों को कार से हटाने का काम शुरू किया। इस दौरान मधुमक्खियों ने उन्हें भी घेर लिया और काटने की कोशिश करने लगीं। हालांकि गनीमत यह रही कि वह सेफ्टी किट पहने हुए थे, इसलिए उन्हें कुछ नहीं हुआ। काफी मशक्कत करने के बाद आखिरकार उन्होंने मधुमक्खियों के झुंड को कार से हटा ही दिया और उन्हें एक दूसरी जगह पर पहुंचा दिया। 

अनिलः इसी के साथ प्रोग्राम में जानकारी देने का सिलसिला यही संपन्न होता है।

अब बारी है श्रोताओं की टिप्पणी की।

पेश है, पहला पत्र। जिसे भेजा है, खुर्जा यूपी से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं,पिछला प्रोग्राम सुना, बहुत पसंद आया। इसकी जितनी प्रशंसा की जाय, उतनी कम है। कार्यक्रम में जानकारी सुनवायी गयी, जिसमें यह बताया गया कि सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने कटहल जैसे दिखने वाला फल ड्यूरिन हस्क के इस्तेमाल से एक खास तरह का एन्टी बैक्टीरियल जेल बैंडेज बनाया है। जिससे कटे-फटे जख्म, चोट और बैक्टीरियल इंफेक्शन जल्दी ठीक हो जाते हैं। इस कार्य के लिए बधाई के पात्र हैं वैज्ञानिक।

अगली जानकारी थाईलैंड से सुनवायी, जिसमें 67 वर्षीय शख्स के पेट में 59 फिट का कीड़ा( परजीवी) जांच में पाए जाने की बात कही गयी और डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसे ठीक कर दिया। भगवान का शुक्र है कि डॉक्टरों ने उस व्यक्ति की जान बचा ली।

जबकि ऑस्ट्रेलिया के न्यू साऊथ वेल्स और क्वींसलैंड में लाखों की संख्या में हर तरफ चूहे दिख रहे हैं, जिससे वहां के लोग बहुत परेशान हैं यह जानकारी भी सुनी। चूहे इतना खाते नही हैं, जितना कि नुकसान करते हैं। वहीं तस्मानिया टाइगर प्रजाति लगभग विलुप्त हो चुकी है, इस विषय पर भी जानकारी सुनी और अच्छी लगी।

कार्यक्रम में दोनों गीत शानदार थे। कार्यक्रम में होली गीत होली खेलें रघुवीरा अवध में होली खेले रघुवीरा सुनवाकर आपने दिल खुश कर दिया। सच मानिए इतनी खुशी प्राप्त हुई कि शब्दों में अपनी खुशी बयां नही कर सकते। बस हजार बार आपका दिल से शुक्रिया प्रकट कर सकते हैं। वहीं कार्यक्रम में श्रोता बंधुओं के पत्र सराहनीय लगे। बेहतरीन प्रोग्राम सुनवाने के लिये आपको बहुत-बहुत बधाई।

नीलमः अब प्रस्तुत है अगला पत्र। जिसे भेजा है केसिंगा, उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं,1 अप्रैल को पेश साप्ताहिक 'टी टाइम' का अंक भी पूरे मनोयोग से सुना। प्रत्याशा थी कि पहली अप्रैल को 'एप्रिल फूल' से जुड़ी कोई जानकारी देंगे, परन्तु मुराद पूरी नहीं हुई। बहरहाल, कार्यक्रम में दी गयी तमाम जानकारियां महत्वपूर्ण थीं। सिंगापुर स्थित नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा कटहल जैसे दिखने वाले फल के इस्तेमाल से एक खास तरह का एंटीबैक्टीरियल जेल बैंडेज बनाये जानेे का समाचार काफ़ी उत्साहवर्धक लगा। इसके साथ ही फल ड्यूरियन हस्क की तमाम विशेषताओं को भी जानने का मौक़ा मिला। थाइलैंड में चिकित्सकों द्वारा किसी 67 वर्षीय शख्स के पेट से 59 फीट लम्बे परजीवी का पता लगा, उसे पेट से बाहर निकाले जाने का किस्सा भी चौंकाने वाला लगा। देखा जाये, तो चिकित्सा जगत में यह किसी कारनामे से कम नहीं है। वहीं ऑस्ट्रेलिया में एकाएक आये चूहों के सैलाब के बारे में जान कर भी हम हक्का-बक्का रह गये। क्या इसे भी क़ुदरत का कहर कहा जा सकता है ?जानकारियों के क्रम में दुनिया से विलुप्तप्राय तस्मानिया टाइगर प्रजाति तथा ख़ास कर उसके हुलिए पर दी गई जानकारी हमें काफी सूचनाप्रद लगी।  इन तमाम जानकारियों के साथ कार्यक्रम में श्रोता-मित्रों की प्रतिक्रिया एवं और चुटीले जोक्स को समुचित स्थान दिया जाना भी प्रस्तुति को चार-चाँद लगा गया। धन्यवाद।

सुरेश जी पत्र भेजने के लिए शुक्रिया।

अनिलः अब बारी है प्रोग्राम के आखिरी खत की। जो हमें भेजा है, खंडवा मध्य प्रदेश से दुर्गेश नागनपुरे ने। लिखते हैं, नमस्कार और वेरी गुड इवनिंग । प्यारे भैया अनिल पांडेय जी और बहन नीलम जी सादर प्रणाम , आदाब और शुभ संध्या । हमें आपका टी टाइम कार्यक्रम बहुत अच्छा लगता है। हम मन लगाकर  इसे सुनते हैं। हमें पिछले सप्ताह का टी टाइम प्रोग्राम बेहद पसंद आया । कार्यक्रम में आपने ड्यूरियन हस्क फल से बने एंटीबैक्टीरियल जेल बैंडेज के बारे मे बताया। जो सच में आने वाले दिनों में लोगों के काम आ सकता है। वहीं दूसरी जानकारी के अंतर्गत तस्मानिया टाइगर के बारे में जानकारी दी गयी। इसके साथ ही कार्यक्रम में हिन्दी गीत, मजेदार जोक्स और श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं काफी रोचक लगी । धन्यवाद

दुर्गेश जी प्रोग्राम के बारे में टिप्पणी भेजने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया।

अब पेश करते हैं जोक्स ..जो सुरेश अग्रवाल ने भेजे हैं

पहला जोक..

लड़की-पापा ने हमारी शादी के लिए एक शर्त रखी है।

लड़का- क्या.

लड़की- तुम्हें कांग्रेस पार्टी का टिकट लेकर चुनाव जीतना होगा.

लड़का- अच्छा चलता हूं, दुआओं में याद रखना.

दूसरा जोक

एक महिला मॉल से बिस्किट चुराते हुए पकड़ी गयी

जज ने कहा- तुमने जो बिस्किट का पैकेट चुराया था, उसमें 10 बिस्किट थे, इसलिए तुम्हें दस दिन की जेल की सज़ा दी जाती है।

इतने में पीछे से पति चिल्लाया- जज साहब इसने साबूदाने का पैकेट भी चुराया है।

तीसरा जोक

नेता एक गांव में जाता है, और ग्रामीणों से पूछता है कि तुम्हारी कोई समस्या है तो बताओ।

गांव वाले कहते हैं, दो समस्याएं हैं..

नेता कहता है- बताओ..

ग्रामीण- हमारे गांव में कोई डॉक्टर नहीं है

नेता तुरंत मोबाइल पर किसी से कुछ बात करता है और फिर कहता है, ये काम तो हो गया, दूसरा बताओ

ग्रामीण- हमारे गांव में कोई भी मोबाइल नेटवर्क नहीं है.....

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