बड़े आयोजन करना कोई चीन से सीखे

2019-03-05 14:20:17
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पाँच मार्च की सुबह पेइचिंग के ऐतिहासिक जन वृहद भवन में 13वीं एनपीसी के दूसरे पूर्णाधिवेशन का उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ। पेइचिंग में कई वर्षों से रहने के बावजूद यह पहला मौका था जब मुझे इस खास इवेंट को कवर करने का अवसर मिला। हालांकि भारत की राजधानी दिल्ली में रहते हुए संसद भवन की कार्यवाही को कई बार नजदीक से देख चुका हूं। लेकिन चीन में साल की सबसे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक हलचल यानी दो सत्रों, एनपीसी और सीपीपीसीसी को लेकर मन में हमेशा कौतुहल सा बना रहा।

वैसे 1959 में बना यह भवन एक लाख पचास हजार वर्ग मीटर में फैला हुआ है। इसी से आप इसकी विशालता का अंदाजा लगा सकते हैं। इतने बड़े भवन के अंदर हॉल में हजारों प्रतिनिधि व लोग एक साथ बैठ सकते हैं।


आज सुबह मैं जन वृहद भवन पहुंचा, जहां पर नौ बजे से उद्घाटन समारोह शुरू होना था। वहां पहुंचते ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों जन प्रतिनिधियों व मीडिया का हुजूम देखकर लगा कि यह वास्तव में चीन में होने वाला कितना बड़ा पूर्णाधिवेशन है। जिसकी सटीक कल्पना टीवी या रेडियो आदि के माध्यम से नहीं की जा सकती।

भवन के अंदर पहुंचने के बाद बड़े हॉल में कार्यक्रम शुरू हुआ तो देखा कि हमसे कुछ ही मीटर की दूरी पर सामने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, प्रधानमंत्री ली खछ्यांग समेत देश के तमाम नेता और प्रतिनिधि बैठे हैं। इसके पश्चात चीनी प्रधानमंत्री को करीब से सुनने का अवसर भी मिला।

इतना बड़ा कार्यक्रम होने के बाद भी कोने-कोने पर साफ-सफाई व हर चीज के पुख्ता इंतजाम थे। मीडियाकर्मियों व मेहमानों को कोई परेशानी न हो, इसका भी खास ध्यान रखा गया था। यह कहना गलत नहीं होगा कि इतनी बड़ी तादाद में लोगों का सही ढंग से प्रबंध करना कोई आसान काम नहीं होता। लेकिन चीन हर बड़े कार्यक्रम को शानदार ढंग से आयोजित करता रहा है। साल 2008 का पेइचिंग ओलंपिक हो या 2016 में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन। हर किसी आयोजन में चीन ने अपनी छाप छोड़ी है।

इस तरह हजारों प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पेइचिंग के केंद्र में हो रहे इस महत्वपूर्ण अधिवेशन के जरिए चीन देश और दुनिया के लोगों को मिलकर एक साथ बढ़ने का संदेश दे रहा है। दुनिया से कह रहा है कि आओ मिलकर साथ चलें।

अनिल आजाद पांडेय

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