प्रगति की राह पर अग्रसर रहेगा चीन

2018-03-20 17:41:59
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प्रगति की राह पर अग्रसर रहेगा चीन

लेखक- अखिल पाराशर

आज मंगलवार को पेइचिंग के जन वृहद भवन में 13वीं एनपीसी का पहला सत्र संपन्न हुआ। एनपीसी की स्थायी कमेटी के अध्यक्ष ली चानशू ने समापन समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने समापन समारोह में भाषण देते हुए कहा कि संविधान देश का मूलभूत कानून है। संविधान का सर्वोच्च कानूनी स्थान, कानूनी अधिकार और कानूनी प्रभाव है। हमें संविधान के संशोधन में बनाई गई राष्ट्रीय मार्गदर्शक विचारधारा का पालन करने की आवश्यकता है।

इसके बाद चीन के नव निर्वाचित राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक बहुत ही प्रेरक और ईमानदार भाषण दिया, और स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व में चीन को निश्चित तौर पर और सफलताएं मिलेंगी। उन्होंने अपने भाषण में उच्च गुणवत्ता वाले विकास पर जोर दिया, साथ ही पहले की तरह पूरी निष्ठा के साथ संविधान में दिये गये कर्तव्यों का पालन करने, जनता का सेवक बनने और जनता की निगरानी स्वीकार करने की भी बात कही।

मैं समझता हूं कि राष्ट्रपति शी एक अन्य कार्यकाल के लिए निर्वाचित होना, चीन की निरंतर समृद्धि के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उनके द्वारा लिये गये फैसले स्थिरता और आर्थिक विकास के संदर्भ में दुनिया के लिए महान होंगे। चीनी जनता का भी शी चिनफिंग के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।

राष्ट्रपति शी ने अपने मुख्य भाषण में प्रयासों को आगे बढ़ाने और सुधार को गहराने पर जोर दिया। उनका मानना है कि अर्थव्यवस्था के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही एक आधुनिक समाजवादी बाजार की अर्थव्यवस्था का निर्माण करना चाहिए और आर्थिक सशक्त, तकनीकी कौशल और राष्ट्र की व्यापक ताकत को मजबूत करना जारी रखना चाहिए ताकि समाजवादी बाजार की अर्थव्यवस्था का जोर पूरी तरह से फैलाया जा सके।

समापन बैठक के बाद, चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग और नव निर्वाचित उप प्रधानमंत्रियों ने वहीं जन वृहद भवन में एक संवाददाता सम्मेलन में भाग लिया, जिसमें भारी संख्या में देसी-विदेशी मीडिया उपस्थित थी। प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने देसी-विदेशी संवाददाताओं को चीन के सुधार और खुलेपन, आर्थिक रणनीति, विदेश नीति और लोगों की आजीविका सहित विभिन्न विषयों पर सवालों के जवाब दिए।

उन्होंने चीनी बाजार को बढ़ा करने की बात करते हुए कहा कि एक निष्पक्ष बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए दोनों चीनी और विदेशी निवेशकों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य के साथ चीन अपने दरवाजे पहले से कहीं ज्यादा दुनिया के लिए खोल देगा। उनका मानना है कि चीनी अर्थव्यवस्था वैश्विक अर्थव्यवस्था में इतनी घुल-मिल गई है कि यदि दरवाजा बंद किया जाता है तो चीन का अपना रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा। उन्होंने शांतिपूर्ण विकास की बात करते हुए कहा कि चीन शांतिपूर्ण विकास का पीछा करता है और कभी भी विस्तार की तलाश नहीं करेगा।

आज चीन दुनिया के आर्थिक विकास में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान करता है, और यह देखना वाकई शानदार लगता है कि चीन इतना खुलेपन को अपना रहा है और अन्य देशों को इसके विकास का हिस्सा बनने की अनुमति देता है। व्यापार और निवेश के लिए अधिक खुलापन चीनी उपभोक्ताओं को बेहतर सामान और सेवाएं प्रदान करेगा और चीन के भागीदारों के साथ व्यापारिक तनाव को कम करेगा।

मेरा मत है कि इस दो सत्रों के दौरान किए गए सभी निर्णय चीन के सुधार और विकास के ढांचे के भीतर तार्किक हैं। वे भविष्य में एक वास्तविक दृश्य दिखाते हैं। शी के निरंतर नेतृत्व के साथ, चीन देश की स्थिरता और विकास की गारंटी देगा।

(अखिल पाराशर)

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