09 बिल्ली का नामकरण
2017-01-02 16:56:41 cri

बिल्ली का नामकरण 给猫起名

 

"बिल्ली का नामकरण"कहानी को चीनी भाषा में"केइ माओ छी मिंग"(gěi māo qǐmíng) कहा जाता है, इस में"केइ"का अर्थ देना है, "माओ"बिल्ली है और"छी मिंग"का अर्थ है"नाम देना", कुल मिलाकर कहा जाए, तो"केइ माओ छी मिंग"का मतलब है"बिल्ली को नाम देना", संक्षिप्त में इसे"बिल्ली का नामकरण"कहा जाता है।

बहुत पहले की बात है। चीन में छाओ आन नाम के व्यक्ति ने एक बिल्ली पाली थी। यह बिल्ली दिखने में कुछ अलग लगती थी, इसलिए घर वाले उसे बाघ वाली बिल्ली कहते थे। छाओ आन को यह बिल्ली बहुत पसंद , और अकसर वह मेहमानों को बिल्ली को दिखा-दिखा कर प्रशंसा लूटता था।

एक दिन, कुछ दोस्तों को दावत देने के दौरान छाओ आन ने बाघ वाली बिल्ली को मेहमानों के सामने लाकर दिखाया। छाओ आन की खुशामद करने के ख्याल में मित्रों ने बिल्ली की तारीफ़ के पुल बांधने शुरू कर दिए।

कोई कहता था:"सच में बाघ बहुत बहादुर और ताकतवर है, लेकिन ड्रैगन की तुलना में वह ज्यादा दिव्य नहीं है, मेरे विचार में इस बिल्ली का नाम ड्रेगन बिल्ली रख देना चाहिए।"

दूसरा मित्र तुरंत बोला:"अच्छा नहीं है। ड्रैगन दिव्य जरूर है, पर बिना बादल के सहारे वह आकाश में जा नहीं सकता, इसलिए बिल्ली का नाम बादल बिल्ली होना चाहिए।"

फिर एक दोस्त ने कहा:"बादल सचमुच अद्वितीय होते हैं। वह आकाश को लपेट सकते हैं, फिर भी हवा के सामने वह टिक नहीं पाते, हवा के झोंके से वह तितर बितर जाते हैं। मेरा सुझाव है कि इस बिल्ली को वायु बिल्ली कहना ठीक रहेगा।"

एक मेहमान ने फिर कहा:"आपकी बात तो ठीक है। हवा वाकई बहुत शक्तिशाली होती है, लेकिन दीवार उसे रोक सकती है। अतः बिल्ली का नाम दीवार बिल्ली रख देना चाहिए।"

तभी किसी दूसरे मेहमान ने कह दिया:"इस सुझाव से मैं सहमत नहीं हूं। दीवार हवा को रोक सकती है, लेकिन चूहे के आगे उसका भी वश नहीं चलता, चूहा दीवार में बिल बना देता है, मेरी बात मानो उसे चूहे वाली बिल्ली कह दीजिए।"

अंत में एक वृद्ध मेहमान ने उठ कर कहा:"तुम लोग अजीब बात करते हो। बातें करते-करते तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है। सोचो, चूहे पकड़ने वाला कौन है, क्या वह बिल्ली नहीं है, बिल्ली तो बिल्ली ही है, वह कोई दूसरा कभी नहीं हो सकता, उसका इस तरह का नाम रखने की क्या जरूरत है।"

कहते हैं कि इस दुनिया में ऐसे कुछ लोग मौजूद होते हैं, जो किसी चीज़ की असलियत की ओर आंखें बन्द कर केवल नाम पर शोर मचाते हैं, जैसे इस नीति कथा में बिल्ली के नाम को लेकर इतना शोर मचा। जो कि एक मज़ाक बनकर रह गया। हमें सच्चाई को देखते हुए काम करना चाहिए।

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