यांगः दोस्तो, अब समय हो गया हेल्थ टिप्स का। आजकल ज़ीका वायरस का कहर दुनिया के तमाम देशों में अपने पैर पसार रहा है।
ज़ीका वायरस से त्रस्त ब्राज़ील ने कहा है कि इसकी वजह से रियो ओलंपिक रद्द नहीं होगा।
अधिकारियों के मुताबिक़ बीमारी से खिलाड़ियों और दर्शकों को कोई खतरा नहीं है। ये आयोजन अगस्त में होने वाला है।
राष्ट्रपति दिल्मा रुसेफ़ ने कहा है कि मैं ब्राज़ील आने वाले सभी लोगों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि गर्भवती महिलाओं को छोड़कर अन्य किसी को इस वायरस से किसी तरह का ख़तरा नहीं है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ज़ीका वायरस के संक्रमण को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। संगठन ने कहा है कि इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें तेज़ करनी होंगी।
इस मुद्दे पर चर्चा के लिए जिनेवा में संगठन की एक आपात बैठक हुई।
संगठन के अधिकारियों का कहना है कि ज़ीका वायरस तेज़ी से फैल रहा है। ख़तरा है कि उत्तर और दक्षिण अमेरिकी महाद्वीपों में इस साल इसके 40 लाख मामले सामने आ सकते हैं।
अनिलः दक्षिणी अमेरिका के कुछ देशों में ज़ीका वायरस का ख़तरा बढ़ता जा रहा है। ये वायरस मच्छरों से इंसानों में फैलता है।
अधिकतर मामलों में इस संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं देंगे, लेकिन इसका असर बच्चों के दिमाग़ पर पड़ सकता है।
ब्राज़ील में दिमाग़ी रूप से कमज़ोर हज़ारों बच्चों का जन्म हुआ है, जिसे जीक़ा वायरस के असर से जोड़कर देखा जा रहा है।
ज़ीका वायरस के कारण अगस्त में होने वाले रियो ओलंपिक को लेकर कई तरह के सवाल पैदा हो रहे थे।
लेकिन इस बीच, ब्राज़ील की राष्ट्रपति ने रोग निरोधक अधिकारियों को उन जगहों में घुसने की इजाज़त दे दी है जो मच्छरों के पैदा होने में मददगार हो सकती हैं।
हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने के बाद प्रयोगशालाओं में भी इस वायरस से लड़ने की काम में तेज़ी लाई जाएगी.
बताया गया है कि ज़ीका वायरस को ख़त्म करने के लिए वैक्सिन तैयार करने में दो साल लग सकते हैं, जबकि दुनिया के कोने-कोने में इसे उपलब्ध होने में एक दशक जितना समय भी लग सकता है.
ब्राज़ील में इस वायरस के फैलने से लोगों में दहशत है. यहां इससे हज़ारों लोग संक्रमित हो चुके हैं. यहां से ये वायरस क़रीब 20 अन्य देशों में पहुंच चुका है.









