संडे की मस्ती 2015-09-27
2015-09-24 10:59:40 cri
छांग-अ चांद पर केवल एक खरगोश के साथ विराजमान थी। खरगोश उसका पालतू जानवर बन गया था। चांद की देवी छांग-अ को वहां बड़ी उदासी और अकेलेपन की अनुभूति होती थी। जब कभी छांग-अ को अपने पति के साथ गुजारे सुन्दर पलों और जग लोक के स्नेह की याद आती है, तो खास कर मध्य शरद के आठवें महीने के 15वें दिन को चांदनी रोशनी फैला देती है। यह इस बात का सूचक है कि चांद की देवी छांग-अ अपने पति को याद कर रही है। इस दिन चांद पूरा नज़र आता है।
यांग- दोस्तों, यह था हमारा संडे स्पेशल जिसमें हमने आपको मध्य-शरद उत्सव के बारे में एक कहानी बतायी। मैं आपको बता दूं कि आज के दिन सभी चीनी लोग मून केक खाते हैं। कहा जाता है कि आज के दिन चांद की रोशनी में मून केक खाना शुभ होता है।
यांग- आइए.. हम आपको मध्य-शरद उत्सव का एक चीनी गाना सुनवाते हैं....









