संडे की मस्ती 2015-09-13
2015-09-11 11:14:47 cri
दोस्तों, हमारे यहाँ बिल्ली के रास्ता काटने और कौवे के कांव–कांव से लेकर जात-पात और ऊँच-नीच से जुड़ी अनेकों मान्यताएं हैं जिनका आज कोई अर्थ नहीं है. और जैसे इस कहानी में इन चीजों को मानने वाले खुद को बड़ा धार्मिक और सबसे बड़ा संत समझते हैं उसी तरह हमारे समाज में भी ऐसी बातें मानने वाले खुद को बड़ा पवित्र और ईश्वर का चहेता समझते हैं… जबकि हकीकत कुछ और ही है. हमें भी समय के हिसाब से अपनी सोच को विकसित करना चाहिए, जो कल सही था वो आज गलत हो सकता है और जो आज सही है वो कल गलत भी हो सकता है।
यांग- चलिए, अभी हम आपको महाभारत धारावाहिक में भगवान श्री कृष्ण की महत्वपूर्ण सीख सुनवाते हैं, जो हमारे हर प्रोग्राम में जारी रहता है। आइए.. सुनते हैं









