दोस्तों, सड़क पर लाल बत्ती लगी पुलिस की गाड़ी किसी का पीछा कर रही है। लेकिन आश्चर्य यह कि पुलिस जिसका पीछा कर रही है वह कोई कुख्यात अपराधी नहीं बल्कि एक भैंसा है। अमेरिका के टेक्सास प्रांत की पुलिस ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें सायरन लगी कार में बैठे पुलिस अधिकारी एक भैंसे का पीछा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह भैंसा अपने बाड़े को फांदकर सड़क पर आ गया था।
अपने पोस्ट में पुलिस ने कहा कि, "हम बाड़े से भागे भैंसे को पकड़ने में कामयाब रहे। हम लोगों ने एनिमल कंट्रोल विभाग के अधिकारियों के साथ अच्छा समन्वय किया। शुक्र है कोई भी चोटिल नहीं हुआ।" जांचकर्ताओं ने बताया कि यह भैंसा अपने मालिक के बाड़े से फांदकर निकल भागा था।
अपने पोस्ट में पुलिस ने लिखा कि, "यह भैंसा दो बाड़ों को फांदकर भागा था। हम खुश हैं कि किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। यह जानवर काफी बड़े होते हैं और बेहद तेज रफ्तार से दौड़ते हैं। गलत परिस्थितियों में कोई इनसे टकरा जाए तो ये काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं।"
अखिल- वाह, दात देनी पड़ेगी अमेरिकी पुलिस की, भगवान का शुक्र है कि कोई नुकसान होने से पहले ही भैंस को पकड़ लिया गया।
लिली- हमममम, थैंक गॉड
अखिल- दोस्तों, चीन के एक शख्स ने शेक्सपीयर जैसा दिखने के लिए 1.38 करोड़ रुपये खर्च कर डाले।
लिली- क्या, क्या कह रहे हो। बड़े ही कमाल की बात है यह अखिल जी।
अखिल- जी हां वनिता जी। यह सच है, मशहूर नाटककार विलियम शेक्सपीयर जैसा दिखने के लिए एक चीनी लेखक ने प्लास्टिक सर्जरी पर डेढ़ लाख पौंड (एक करोड़ 38 लाख रुपये) खर्च कर डाले। दोस्तों, 34 साल के झांग यीयी ने विलियम शेक्सपीयर जैसा दिखने के लिए कुल दस आपरेशन कराए। उसने पहले आंखों की बनावट में बदलाव कराया, फिर आंख की पुतली और नाक की सर्जरी कराई। इसके बाद चेहरे की पर्त को सिकुड़वाया। लेकिन इसके बावजूद वह शेक्सपीयर की बराबरी करने में नाकाम रहा। क्योंकि वह शेक्सपीयर की तरह आगे से गंजा और पीछे लंबे बालों वाला नहीं है। अब वह अपने बाल बढ़ा रहा है ताकि शेक्सपीयर की तरह ही अपने बालों को रूप दे सके।
यीयी का जन्म मध्य चीन के हुनान प्रांत में एक साधारण परिवार में हुआ था। बाद में वह लेखक बना और उसे एक सम्मानित लेखक का दर्जा प्राप्त हुआ। शेक्सपीयर के लुक से वह इस कदर प्रभावित हुआ कि उसने उनके जैसा दिखने की ठानी। इसका विचार उसके मन में शेक्सपीयर के पोट्रेट देखने के बाद आया। इनमें से 1623 में प्रकाशित शेक्सपीयर के संग्रह में छपे उनके चित्र को यीयी ने चुना। फिर उसने करीब तीन साल पहले से अपनी रॉयल्टी के पैसे बचाने शुरू किए ताकि वह जरूरी सर्जरी करा सके।
लिली- ओह.. यह बात है। भगवान ही जाने इंसान का जूनून क्या क्या करवा देता है। चलिए दोस्तों, अभी हम सुनते हैं एक हिन्दी गाना... उसके बाद आपके ले चलेंगे हमारे मनोरंजन के दूसरे सेगमेंट की तरफ...
अखिल- दोस्तों, आपका एक बार फिर स्वागत है हमारे इस मजेदार कार्यक्रम संडे की मस्ती में... मैं हूं आपका दोस्त एन होस्ट अखिल।
दोस्तों, ऐपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स के बहुत से गुणों के बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं है। तो, आज हम आपको उन से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताने जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं उनकी खास बातें...
1. उन्हें एंप्लॉयीज को नौकरी से निकालना पसंद नहीं था
बच्चे होने के बाद उनको किसी को भी काम से हटाना बहुत गलत लगने लगा। इस बारे में उन्होंने कहा, 'ऐसा होने के बाद जब मैं किसी आदमी को देखता हूं तो अपने बारे में सोचता हूं। ऐसा लगता है कि मैं घर आया और अपनी पत्नी से कहता हूं मुझे काम से हटा दिया गया है। या 20 साल बाद मेरे बच्चे के साथ भी ऐसा हो सकता है। यही सोचकर मैं किसी को हटाना गलत समझता हूं।'
2. मिड्ल स्कूल में दो बार लगाई क्लास की छलांग
स्टीव को सीधे छठी कक्षा में पहुंचा दिया गया और उनके टीचर उनको सातवी कक्षा भी छलांग लगाना चाहते थे। उसके बाद उनके पैरंट्स ने फैसला किया कि उनको बेहतर और अधिक चुनौतीपूर्ण स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने की जरूरत है। वे लॉस ऑलटोस के इलाके में स्थानांतरित कर गए जो कैलिफोर्निया का बेहतरी स्कूल वाले जिलों में से एक है।
3. उनकी पहली नौकरी सेब के बागान में थी
कॉलेज की पढ़ाई छोड़ने के बाद जब जॉब्स ने अटारी में काम करना शुरू किया तो उन्होंने एक सेब के बागान में काम किया।
4. जॉब्स को गुस्सा बहुत आता था
जॉब्स बहुत बड़े विजनरी थे लेकिन उनको गुस्सा भी बहुत आता था। उनके लिए काम करना आसान नहीं था। लेकिन, वे इंजिनियर्स जिनका वे सम्मान करते थे अगर शांत होने को कहते तो वे शांत हो जाते थे।
5. लिवर ट्रांसप्लांट के कूक के ऑफर को ठुकरा दिया
जब जॉब्स बीमार थे तो ऐपल के वर्तमान सीईओ टिम कूक ने उनको अपने लिवर का कुछ हिस्सा देने का ऑफर किया था। लेकिन, उन्होंने मना कर दिया।
6. उनका मानना था कंपनी का एक ही काम है, प्रॉडक्ट बनाना
जॉब्स ने कहा, 'कंपनी इंसान की एक सबसे ज्यादा अचंभित कर देने वाला अविष्कार है। लेकिन मेरे लिए प्रॉडक्ट्स अहम है।'उनका मानना था कि कंपनी का सिर्फ एक ही उद्देश्य है वह प्रॉडक्ट्स बनाना।
7. उनके पिता उनके लिए प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत थे
स्टीव जॉब्स के पिता ने उनको डिटेल पर ध्यान देने के महत्व के बारे में उनको बताया। पॉल जॉब्स एक मकैनिक और एक क्राफ्ट्समैन थे और वह अपने वीकेंड पर कारों की मरम्मत करते थे। उन्होंने स्टीव को उस समय एक छोटा वर्कबेंच दिया जब स्टीव पांच या छह साल के थे और कहा, 'स्टीव अब यह तुम्हारा वर्कबेंच है।'
8. उन्होंने याहू को खरीदने की सोचा था
किताब में एक और अविश्वसनीय बात का खुलासा किया गया है कि जॉब ने याहू को खरीदने की सोचा था। जब डिजनी के सीईओ बॉब इगर उनके पास कूपर्टिनो में मिलने आते थे तो वे कंपनियों को खरीदने के बारे में बात करते थे।
9. लोगों के साथ अपने व्यवहार को लेकर खुद को दोषी मानते थे
जॉब्स भले ही लोगों के प्रति सख्त थे और कई लोग उनको असंवेदनशील समझते थे लेकिन उनको लोगों के साथ किए गए अपने व्यवहार के लिए पछतावा भी होता था।
10. उनका मानना था कि ऐपल कभी टीवी नहीं बनाएगा
कई साल से मीडिया यह अटकल लगाता आ रहा है कि ऐपल अपनी टीवी डिजाइन करने की तैयारी में है। ऐपल ब्रैंडेड स्ट्रीमिंग सर्विस की हालिय खबर ने उस अफवाह को और मजबूती प्रदान की है लेकिन, जॉब्स ने कहा था, 'मैं टेलिविजन को पसंद नहीं करता हूं। ऐपल फिर कभी टीवी नहीं बनाएगा।'









