लिली- वाकई यह दिलचस्प किस्सा तो मैने इससे पहले कभी नहीं सुना। इंसान अपने करियर के चलते क्या-क्या करने लगे हैं। चलिए.. मैं भी एक दिलचस्प किस्सा बताने जा रही हूं कि 51 साल बाद शरीर से निकला सात इंच लंबा लोहा।
अखिल- क्या...। 51 साल बाद... सात इंच लंबा लोहा।
दोस्तों, ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों द्वारा छोटे-मोटे औजार शरीर में भूल जाने के किस्से यदाकदा सुनने को मिल जाते हैं। लेकिन शिकागो में एक व्यक्ति की बांह का ऑपरेशन कर उसके शरीर में मौजूद रहे सात इंच लंबे लोहे के टुकड़े को 51 साल बाद निकालने का मामला हैरत में डाल देता है। यह टुकड़ा 75 वर्षीय आर्थर नाम के व्यक्ति के शरीर में एक दुर्घटना के दौरान घुस गया था। दरअसल दुर्घटना में आर्थर का कूल्हा गंभीर रूप से फ्रैक्चर हो गया था और बांह पर भी चोट लगी थी। लिहाजा उपचार के दौरान बांह की चोट को मामूली मानकर ऊपरी तौर पर मरहम पट्टी कर दी गई। पूरी तरह स्वस्थ होने के वर्षों बाद जब वह कहीं जा रहे थे तो मेटल डिटेक्टर से उनके शरीर में लोहे का टुकड़ा मौजूद होने की बात सामने आई। बांह का एक्स रे हुआ। तस्दीक होने पर आपरेशन द्वारा इस सात इंच लंबे नुकीले लोहे के टुकड़े को निकाला गया।
अखिल- OMG... डॉक्टरों की इतनी बड़ी लापरवाही... वाकई यकिन ही नहीं होता। चलिए.. मैं डॉक्टरों का एक और किस्सा बताने जा रहा कि हूं कि ऑपरेशन के बीच डॉक्टरों ने मनाई बर्थडे पार्टी।
यह मामला दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल का है। सियोल की एक प्लास्टिक सर्जरी क्लिनिक इंटरनेट पर आईं कुछ तस्वीरों के कारण जांच के घेरे में है। तस्वीरों में डॉक्टर और अन्य अस्पताल कर्मी ऑपरेशन थियेटर में बर्थडे मनाते हुए दिख रहें हैं जबकि मरीज बिस्तर पर अचेत पड़ा हुआ है। अस्पताल की एक नर्स असिस्टेंट ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की थी जिसमें ऑपरेशन थियेटर में जन्मदिन पार्टी का माहौल दिखाई दे रहा है। तस्वीरों में ऑपरेशन थियेटर में मौजूद नर्स और डॉक्टर केक के साथ दिखाई दे रहें हैं जिसपर मोमबत्तियां जल रही हैं जबकि टेबल पर मरीज बेहोश लेटा हुआ है। कुछ तस्वीरों में ऑपरेशन थियेटर में मौजूद लोग बिस्कुट और बर्गर खाते हुए दिखाई दे रहें हैं।
कोरियन नर्स एसोसिएशन ने कहा है कि उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों से बात की है और इस घटना में केवल नर्स असिस्टेंट शामिल हैं, कोई नर्स नहीं। लोगों से अपने स्टाफ की इस हरकत के लिए माफी मांगी है।
लिली- यह तो वाकई पागलपन भरा और गैर-जिम्मेदाराना हरकत है।
अखिल- जी हां लिली जी। और सबसे Important बात यह कि ऑपरेशन थियेटर में खाने-पीने की वस्तुएं ले जाने की permission कैसे दे दी। जबकि ऑपरेशन थियेटर में खाने-पीने की वस्तुएं ले जाने allow ही नहीं होता है। खैर... चलिए दोस्तों.. अभी हम आपको सुनवाते हैं एक मस्त-मस्त हिन्दी गाना... उसके बाद आपके ले चलेंगे हमारे मनोरंजन के दूसरे सेगमेंट की तरफ...









