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दोस्तों, मैं आपको एक किस्सा सुनाने जा रहा हूं कि फेसबुक के जरिये कैसे मिला परिवार
लंदन में सोशल वेबसाइट फेसबुक के जरिये एक व्यक्ति अपने परिवार से 12 साल बाद दोबारा मिल सका। यह मिलन बेहद रोचक अंदाज में हुआ। हुआ यूं कि जार्ज नाम का व्यक्ति नाराज होकर घर छोड़कर चला गया। उसने जब सालों बाद मिलना चाहा तो परिजन कहीं और पलायन कर चुके थे। वह सालों उनकी तलाश में इधर-उधर खाक छानता रहा लेकिन वे नहीं मिले। इस बार नववर्ष की पूर्व संध्या पर उसने अपने परिजनों से मुलाकात की। इच्छा फेसबुक के जरिये लोगों से शेयर की। इसको काफी लोगों ने शेयर किया और इस तरह वह पोस्ट उसकी बहन तक भी पहुंच गई। उसे देख उसने फौरन 12 साल से गुमशुदा भाई को संपर्क किया। इस प्रकार सालों बाद अपने परिवार से मिलकर वह बेहद खुश हुआ क्योंकि नए साल में उसके लिए इससे बेहतर कोई तोहफा नहीं हो सकता था।
लिली- वाकई उस व्यक्ति के लिए नये साल का तोहफा इससे बेहतर नहीं हो सकता था। चलो अच्छा है, उस व्यक्ति को उसके घरवाले मिल गये हैं।
अखिल- दोस्तों, मैं आपको इससे भी ज्यादा दिलचस्प बात बताने जा रहा हूं। बात यह है कि जापान में लड़कियां बिना दूल्हे के दुल्हन बन रही हैं।
दोस्तों, उद्योग और तकनीक में श्रेष्ठता के लिए जापान पूरे विश्व में जाना जाता है। अपने उद्योग और तकनीक के बलबूते यह छोटा सा टापू देश विश्व की एक महत्वपूर्ण आर्थिक महाशक्ति के रूप में जाना जाता है। पर ऐसे मुकाम पर पहुंचने के लिए जापानियों ने कइ कुर्बानियां दी हैं। जापानी अपने कॅरियर को इतना महत्वपूर्ण समझते हैं कि इसके लिए अपने वैवाहिक जीवन की आहुति देने में संकोच नहीं करते। यही वजह है कि आज जापान में एकल युवतियों का चलन बढ़ता जा रहा है। फिर भी जीवन के किसी मोड़ पर इन एकल युवतियों को विवाह करने की इच्छा हुई तो इसके लिए भी विकल्प मौजूद है। मजेदार बात तो यह है कि उन्हें शादी के लिए किसी दूल्हे की भी जरूरत नहीं है।
जापान की कई एजेंसियां एकल युवतियों को ध्यान में रखकर विशेष सेवाएं दे रही हैं। ऐसी ही एक सेवा है 'सोलो वेडिंग', जो क्योटो की सेरका ट्रैवल्स एजेंसी ने शुरू की है। सोलो वेडिंग में यह एजेंसी उन युवतियों को शादी जैसा वातावरण तैयार करके देती हैं, जो दुल्हन की तरह सजना-संवरना चाहती हैं। हालांकि, यह असली शादी बिल्कुल नहीं होती है। इस तरह की शादी में दुल्हन को पूर्ण परिधान में सजाकर रिसेप्शन होता है और मेहमान भी आते हैं, जो दुल्हन को बधाई देते हैं। एक दिन के इस कार्यक्रम को युवतियां एन्जॉय करती हैं और अगले दिन फिर जॉब पर निकल जाती हैं।
यह पूरा कार्यक्रम पेशेवर लोगों द्वारा अंजाम दिया जाता है ताकि शादी का वातावरण असली लगे। दुल्हन की इच्छा के मुताबिक खूबसूरत जगह पर फोटोशूट भी किया जाता है। खैर पेशेवर एकल युवतियों के लिए सोलो वेडिंग का कॉनसेप्ट सुविधाजनक तो है पर जापान सरकार के लिए यह चलन असुविधाजनक हो सकता है। मेन बात यह है कि जापान सरकार देश की नकरात्मक जनसंख्या वृद्धि से जूझने के उपाय तलाश रही है।









