विकीपीडिया के मुताबिक इस तस्वीर की कॉपीराइट उस बंदर के पास है न कि उस फॉटोग्राफर के पास। विकीपीडिया ने अपनी बेवसाइट पर लिखा है, इन तस्वीरों को पब्लिक डोमेन में इसीलिए रखा गया कि इसे इंसान ने नहीं खींचा और इसलिए कोई कॉपीराइट भी नहीं बनता है।
लिली- हां हां हां... बड़े ही गजब की बात बताई आपने अखिल जी। बंदर ने खुद की फोटो खींची और विवाद विकीपीडिया और कैमरे के मालिक दोनों के बीच में हो गया... कमाल है।
अखिल- असली कमाल तो चीनी सरकार का है, जिसने लोगों को साइकिल चलाने के निर्देश दिए है।
लिली- वो कैसे..?
अखिल- दोस्तों, चीन में इन दिनों नए निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, pollution पर control करने और वातावरण को पहुंच रहे नुकसान को रोकने के लिए चीन ने लोगों को पैदल चलने, साइकिल चलाने और कम पैकिंग में सामान खरीदने के निर्देश दिए हैं। सरकारी मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर 8 निर्देशों की सूची जारी हुई। इसमें लोगों को कूड़ा जलाने से रोकने व आतिशबाजी और सींक पर मांस भूनने की सीमा तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही में यह भी निर्देश दिया गया है कि वे pollution रोकने को अधिकृत लोगों के गैर-कानूनी बर्ताव की भी जिम्मेदारी लें। वातावरण कानून में संशोधन के तहत चीन में लोगों के लिए वातावरण की सुरक्षा करने को नैतिक कर्त्तव्य बना दिया गया है।
दरअसल, 3 दशक के अंधाधुंध आर्थिक विकास के बाद चीन की सरकार ने यह माना है कि लोगों के सहयोग के बिना वातावरण में हो रही क्षति को खत्म नहीं किया जा सकता।
अखिल- लिली जी.. है ना चीनी सरकार कमाल।
लिली- वाकई.. इससे pollution पर control करने में मदद मिल सकेगी।
अखिल- दोस्तों, सोचिए अगर किसी दिन आप उठे, अलसाए हुए उठकर खिड़की पर खड़े हुए देखें कि अरे...सामने यह क्या.. नदी का पानी लाल! यह कैसे हो गया! वह भी किसी छोटे से दायरे में नहीं बल्कि पूरा का पूरा नदी का पानी ही लाल है। शायद आप डर के मारे वहां से भाग ही जाएं। पर चीन में जिस जगह की कहानी हम यहां आपको बता रहे हैं वहां के लोगों के पास भागने का भी कोई रास्ता नहीं।
वेनझोऊ पूर्वी चीन का एक जाना-माना शहर है। तीन ओर से पहाडि़यों से घिरे इस शहर के सामने प्रशांत महासागर है। वेनझोऊ में एक नदी भी है। एक सप्ताह पहले तक नदी का पानी आम नदियों की तरह ही साफ और नीले रंग का था। लेकिन अभी एक सप्ताह के अंदर ही वह अचानक खून की नदी में बदल गई है। दोस्तों..... डरने की कोई बात नहीं, उसमें किसी का खून नहीं बहा लेकिन हां, हैरानी की बात जरूर है क्योंकि एक सुबह लोगों ने देखा तो नदी का पानी खूनी लाल था। रातों रात पानी का रंग कैसे बदला यह किसी को नहीं पता। अभी इसकी जांच चल रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह 5 बजे तक पानी साफ था लेकिन 6 बजते-बजते अचानक पानी का रंग लाल हो गया। इसके आस-पास कोई केमिकल इंडस्ट्री भी नहीं है और इसमें किसी तरह का chemical कचरा भी बहाया नहीं जाता।
इसलिए इस कारण इसका रंग लाल होने की कोई संभावना नहीं है। पर हां, नदी के पास फूड कलरिंग कंपनी, कपड़ों की शॉप और पेपर मैनुफैक्चर कंपनियां जरूर हैं। इसलिए इसमें रंग मिले होने का शक भी जताया जा रहा है। पर्यावरण रक्षा अधिकारी पानी का सैंपल जांच के लिए ले गए हैं। शुरुआती जांच में अभी तक रंग बदलने का कोई कारण सामने नहीं आया है और यह एक रहस्य बना हुआ है।
लिली- अखिल जी... वैसे चीन में यह कोई नहीं बात नहीं है। इससे पहले भी 2011 में जिआन नदी और 2012 में इसी तरह यांगचे नदी के पानी का रंग अचानक बदल गया था। जिआन नदी का रंग बदलने के पीछे का कारण किसी डाई कंपनी का अनाधिकृत तरीके से लाल रंग की डाई को पानी में बहाया जाना था। पर यांगचे नदी के पानी का रंग बदलने के पीछे कई कारण थे जिनमें एक था बारिश के बाद नदी के पानी में गाद का मिलना। इसलिए संभव है वेनझोऊ की इस नदी के पानी का रंग बदलने के पीछे भी ऐसा कोई कारण रहा हो। फिलहाल यह लोगों में कौतुहल और रहस्य का विषय बना हुआ है।
अखिल- जी हां.. हम भी पता करना चाहेंगे कि इस नदी का पानी लाल क्यों हो गया। चलिए... अब हम आपको बताते है कि चीन में एक व्यक्ति ने लगातार 6 साल इंटरनेट कैफे में बिताए।
दोस्तों, खाली समय में कंप्यूटर गेम में वक्त बिताने वाले तो कई लोग मिल जाएंगे लेकिन एक सज्जन ने इस मामले में रिकॉर्ड कायम किया है।
चीन के शंघाई शहर में कंप्यूटर गेम का दीवाना यह व्यक्ति पिछले छह सालों से एक ही इंटरनेट कैफे की एक ही कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार कंप्यूटर गेम में व्यस्त है। यह कैफे में ही रहता है और अपनी सीट पर ही खाता-पीता है। यह रात भर कंप्यूटर गेम में busy रहता है और दिन में स्क्रीन के सामने ही सोता है। केवल नित्यकर्म के दौरान ही उसका मॉनीटर बंद रहता है। इस संबंध में कैफे मालिक का कहना है कि उसकी वजह से स्टाफ में कभी किसी को दिक्कत नहीं होती क्योंकि वह केवल तकनीकी खराबी के दौरान ही बातचीत करता है। हर महीने समय पर उसका पूरा बिल भी जमा हो जाता है।
लिली- वाह.. क्या कमाल का आदमी है। हैरानी होती है ऐसे व्यक्ति पर।
अखिल- लिली जी... कमाल वो ही करते हैं जो कुछ नहीं करते हैं।
लिली- हां हां हां...। चलिए.. दोस्तों, अभी हम सुनते हैं एक गाना.. उसके बाद आपको बताएंगे चीन के चिड़ियाघर में नये अजूबे के बारें में।









