Web  hindi.cri.cn
    संडे की मस्ती 2014-07-20
    2014-07-22 15:52:32 cri

    लिली- हमें अगला पत्र मिला हैं झारखंड से एस.बी. शर्मा जी का। शर्मा जी लिखते हैं... "सण्डे की मस्ती" का हर अंक हैरतअंगेज और रोचक होता जा रहा है। 13 जुलाई का अंक बिलकुल साफ़ सुनाई नहीं दिया। फिल्म अभिनेत्री दिव्या दता से की गई बातचित और गीत तो बिलकुल साफ़ सुनाई नहीं दिये। भारत चीन के द्विपक्षीय आदान प्रदान और आपसी समझ बढ़ाने की फिल्म जगत की कोशिश सराहनीय है। असाध्य बीमारी से पीड़ित माँ-बेटे के प्रेम और एक दूसरे के प्रति समर्पण की कहानी दिल को छू लेने वाली घटना लगी। सब कुछ मिलाकर आज का प्रोग्राम अपने उदेश्यों को पूरा करने में खरा उतरा है, इसके लिए आपका धन्यवाद।

    अखिल- आपका बहुत-बहुत धन्यवाद एस.बी. शर्मा जी। दोस्तों, हमें अगला पत्र मिला हैं केसिंगा, ओडिशा से भाई सुरेश अग्रवाल जी का। भाई सुरेश जी लिखते हैं.... आज के प्रसारण में दुनियाभर की तमाम अहम ख़बरों के उपरान्त पेश साप्ताहिक "सण्डे की मस्ती" सुना और जिसकी शुरुआत ही में श्रोता भाई सादिक़ आज़मी द्वारा अपनी प्रतिक्रिया के साथ प्रेषित महँगी जगह की सैर कराने वाला जोक बहुत उम्दा लगा। छोरा-छोरी शीर्षक गीत के बोल हरियाणवी थे, इतनाभर समझ में आया,बाकी तो सब उसके संगीत के शोर में खो गया। एक हादसे में अपने दोनों हाथ गंवाने वाले चीन के हू की कहानी दिल को छू गई। हाथ न होने पर भी अपने पैरों से कार चलाने का हुनर, वास्तव में चकित करने वाला है। लोगों के लिये अनबुझ पहेली बने चीन के सछ्वान प्रान्त के गाँव यांगसी और वहां की आधी आबादी बौनों की होने की बात भी आश्चर्यजनक लगी। शांगहाई में अपने आलसी पति को एकतरफा तलाक़ देने का किस्सा सुखद अनुभूति प्रदान कर गया। "काश" सभी पति अपनी पत्नी से इसी तरह प्यार करते ! अखिलजी की कविता "प्यार कमज़ोर दिल से नहीं किया जा सकता .......काफी उम्दा जान पड़ी। किसी असाध्य बीमारी से ग्रस्त चीनी माँ-बेटे की कहानी में बेटे द्वारा अपने दोनों गुर्दे दान कर माँ को बचाने की कहानी दुनिया में विरल कही जा सकती है। ऐसे पुत्र को भारत का श्रवण कुमार कहा जाये, तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। और हाँ, इटली के सीसो द्वारा अपनायी गई मानवसेवा की राह भी सदियों तक मानव के लिये प्रेरणा-दीप बन कर जगमगाती रहेगी, इसमें दोराय नहीं। अफ़सोस है कि कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री दिव्या दत्ता के साथ की गई बातचीत अधिक शोर-शराबे के बीच रिकॉर्ड होने का कारण समझ में नहीं आयी। चुटकुलों में ऑडियो चुटकुला नायाब लगा और अन्त में "बादाम खाने से उतनी अक़्ल नहीं आती, जितना कि धोखा खाने पर आती है........ वाली अखिलजी की बात हमें बिलकुल सही जान पड़ी। धन्यवाद स्वीकार करें।

    लिली- आपका बहुत-बहुत शुक्रिया सुरेश अग्रवाल जी। दोस्तों, अब हम बढ़ते हैं अगले पत्र की तरफ जिसे भेजा हैं भागलपूर, बिहार से डॉ. हेमन्त कुमार जी ने। डॉ. हेमन्त कुमार जी लिखते हैं... 13 जुलाई को शाम की सभा मेम अखिल तथा मीनू द्वारा प्रस्तुत 'संडे की मस्ती' मेँ पैर से कार चलाने वाले व्यक्ति की कहानी, चीन में बौने लोगों का गांव और चीन में एक बेटे द्वारा अपनी दोनों किडनी मां को दान दिए जाने वाली बातें अजीबो-गरीब और रोचकदार थी। इसके अलावे दिव्या दत्ता का इंटरव्यू और कई चुटकुले सटीक और मजेदार लगे। बेहतर प्रस्तुती के लिए अखिल और मीनू जी को हार्दिक धन्यवाद!

    अखिल- डॉ. हेमन्त कुमार जी ने हमें कुछ लाइनें लिखकर भेजी हैं....

    Sanso se Pyari

    Yaade Hai Aapki

    Dhadkan Se Pyari

    Baate Hai Aapki

    Apko Yakin Ho

    Ya Na Ho

    Lekin Is Jindagi Se Payri

    mohabbat hai aap ki....

    अखिल- आपका बहुत-बहुत धन्यवाद डॉ. हेमन्त कुमार जी। आपने हमें इतनी प्यारी लाइनें लिखकर भेजी हैं... उसके लिए हम आपका तहे दिल से शुक्रिया करना चाहेंगे। हमें अगला पत्र भेजा हैं पश्चिम बंगाल से बिधान चंद्र सान्याल जी ने। बिधान जी लिखते हैं.... मैं कहना चाहूंगा कि संडे की मस्ती कार्यक्रम दिन ब दिन रोचक होता जा रहा है। अखिल जी और उनका साथ देती मीनू जी और लिलि जी कार्यक्रम की रोचकता बढ़ाने में बहुत परिश्रम करते हैं। कार्यक्रम में सभी श्रोताओं के पत्र पढ़े और प्रतिक्रिया पढ़ी जाना बहुक अच्छा लगता है। 13 जुलाई के कार्यक्रम में तमाम बातें और चुटकुले सभी अच्छे लगे।

    1 2 3 4 5
    © China Radio International.CRI. All Rights Reserved.
    16A Shijingshan Road, Beijing, China. 100040