मीनू- अरे वाह..बड़े कमाल की बॉल है। इस वाशिंगबॉल से अपने आप ही कपड़े धुल जाएंगे।
अखिल- बिल्कुल मीनू जी...। तकनीक के कमाल से न जाने क्या-क्या हो सकता है।
मीनू- बिल्कुल ठीक कहा अखिल जी आपने। मैं भी आपको ऐसी तकनीक के बारें में बताने जा रही हूं जो खुद ही ठीक होगी मोबाइल फोन की स्क्रीन...।
अखिल- अरे वाह...क्या बात है..मीनू जी... मैं बिल्कुल जानना चाहूंगा।
मीनू- दोस्तों,
क्या आपने कभी एसी मोबाइल स्क्रीन देखी है जो टूट जाने पर खुद ही मरम्मत कर ले। युनिवर्सिटी औफ इलिनॉय के शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों ने एक ऐसी प्लास्टिक तैयार किया है, जो टूटफूट खुद ही मरम्मत कर सकती है। इस प्लास्टिक का इस्तेमाल मोबाइल स्क्रीन से लेकर टेनिस रैकेट में इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, वैज्ञानिकों को खून जमने की प्रक्रिया से इसकी प्रेरण मिली है। अध्ययनकर्ताओं के अनुसार 35 मिलीमीटर से अधिक मोटी दसर को 20 मिनट में भरा जा सकता है। तीन घंटे के अंदर प्रभावित मशीन को फिर से काम में लाया जा सकता है।
मीनू- दोस्तों, थी न यह कमाल की बात...।
अखिल- बिल्कुल मीनू जी। वाकई कमाल की बात बताई आपने। चलिए दोस्तों, अभी सुनते है एक मस्त-मस्त गाना...उसके बाद बताएंगे वो 10 सबसे अजब-गजब जगहों के बारें में जिसे देखकर आप कहेंगे 'अरे वाह.. क्या बात हैं'
(गाना-2)









