2009-06-24 16:45:41

चीन सरकार वनछुआन भूंकपग्रस्त क्षेत्र के पुनर्निर्माण के दौर में गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता देगा

स्छवान के वनछुआन में भीषण भूंकप उत्पन्न होने के एक साल बाद, 24 तारीख को चीन सरकार ने चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थायी कमेटी को भूंकप के बाद के पुनर्निर्माण कार्य की स्थिति से अवगत कराया। वर्तमान पुनर्निर्माण कार्य को प्रारम्भिक सफलता मिली है। चीन सरकार ने दावा किया है कि गुणवत्ता व सुरक्षा को सुनिश्चत करने की पूर्वशर्त पर भूकंपग्रस्त्र क्षेत्रों के पुनर्निर्माण की गति को तेज किया जाएगा ।

गत 12 मई को स्छवान के वनछुआन में भीषण भूंकप ने 2 लाख 50 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रों को बुरी तरह प्रभावित किया, 3 लाख 60 हजार से अधिक लोग घायल हुए और 68 हजार लोग अब भी लापता हैं, एक करोड़ से अधिक लोग बेघर हो गए, प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान 11 खरब य्वान रहा। इस अभूतपूर्व भीषण व नृशंष भूंकप के आगे चीन सरकार और चीनी सेना ने चीन के इतिहास की सबसे तेज गति वाला राहत कार्य शुरू करने के साथ सबसे बड़ी मानव शक्ति को इस राहत कार्रवाई में भी जुटाया है और हर संभव कोशिशों से लोगों की जान माल की क्षति को कम करने की जीतोड़ प्रयास किए गये हैं । भूंकपग्रस्त के बाद शीघ्र शुरू पुनर्निर्माण कार्य की सफलता फिलहाल कैसी है ? 24 तारीख को चीनी राष्ट्रीय विकास व सुधार आयोग के अध्यक्ष चांग फिंग ने राज्य परिषद की ओर से अपने रिपोर्ट में सिलसिलेवार आंकड़ो से सफलता का मिसाल दिया अप्रेल 2009 के अन्त तक भूंकपग्रस्त क्षेत्रों में पुनर्निर्माण से संबंधित 21000 से अधिक परियोजनाएं शुरू हो गयी हैं और इन में 9400 से अधिक परियोजनाएं संपन्न हो चुके हैं, अब तक इन परियोजनाओं में 3 खरब 60 अरब य्वान की धनराशि डाली जा चुकी है, जो पूरी धनराशि का 36 प्रतिशत बनता है। पुनर्निर्माण कार्य को अब तक संतोषजनक सफलताएं हासिल हुई हैं।

20 हजार से अधिक परियोजनाओं में रिहायशी मकान निर्माण समेत, स्कूलों व अस्पतालों आदि सार्वजनिक सेवा संस्थापनों का निर्माण भी शामिल हैं, परिवहन, दूर संचार, जल संरक्षण व उर्जा आदि आधारभूत संस्थापन व वाणिज्य सेवा, अनाज व वित्तीय सेवा आदि बाजार सेवा संस्थापन निर्माण के साथ उद्योगों का पुनर्गठन, एतिहासिक सांस्कृतिक अवशेषों की सुरक्षा तथा पारिस्थितिकी सुधार आदि परियोजनाएं भी सम्मलित हैं। श्री चांग फिंग ने वचन देते हुए कहा कि भूंकपग्रस्त लोगों को जल्द से जल्द खुशहाली व सुन्दर जीवन बिताने के लिए ,चीन सरकार सभी पुनर्निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता व उसकी सुरक्षा को सुनिश्चता प्रदान करेगी। उन्होने कहा राष्ट्रीय निर्माण के मानकीकृत तकनीक का कड़ाई से पालन कर, गुणवत्ता व सुरक्षा को सुनिश्चत करने की पूर्वशर्त पर पुनर्निर्माण गति को तेज की जाएगी, ताकि सेवा व गुणवत्ता की गति व गुणवत्ता के प्रबंधन को भी कड़ी व्यवस्था प्रदान हो सके । हम किफायत व अनवश्यक फजूल निर्माण पर कड़ा प्रबंधन रखने के साथ पुनर्निर्माण में बड़ी कारगरता व संतोषजनक कार्यकौशलता को हासिल करने की कोशिश करेगें ताकि हमारा पुनर्निर्माण कार्य इतिहास व जनता की परीक्षा में पूरी तरह खरा उतर सके।

पुनर्निर्माण एक जटिल व बेहद कठिन सुव्यवस्थित परियोजना है, चीन सरकार ने पुनर्निर्माण को एक दीर्घकालीन कार्य तय कर बहुत पहले से ही योजना व नियम निर्धारित कर लिए हैं और उन्हे कानून का रूप दिया है। गति तेज करना का अर्थ यह है कि पूर्व निश्चित तीन साल में पूरी होने वाली परियोजनाओं को दो साल में पूरा करने की सुनिश्चता प्रदत्त की जा सके ।

श्री चांग फिंग ने निर्माण गति को तेज करने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन में इस साल के अन्त से पहले सर्वोतोमुखी रूप से ग्रामीण रिहायशी मकानों के निर्माण को समाप्त करना, और 95 प्रतिशत से अधिक भूंकपग्रस्त क्षेत्रों के छात्रों को स्थायी स्कूलों में पढ़ने की सुनिश्चता प्रदान करना,अगले साल की सितम्बर से पहले विभिन्न अस्पतालों व चिकित्सा संस्थाओं व मुख्य सड़कों की यातायात को पूरा करना है, जिस से अन्य तीन भूंकपग्रस्त क्षेत्रों व शहरों व कस्बों की बुनियादी क्षमता को उजागर किया जा सके।

भूंकपग्रस्त क्षेत्रों के लोगों की मानसिक इलाज व उनका हौसला बढ़ाने के कार्य पर चीन सरकार ने भारी महत्व दिया है, इस पर चर्चा करते हुए श्री चांग फिंग ने कहा कि व्यवहारिक रूप से मानसिक राहत में हाथ बटाना चीन सरकार के पुनर्निर्माण कार्य का एक प्राथमिक कार्य है। उन्होने कहा पूरे देश से मानसिक पेशावर व्यक्तियों को भूंकपग्रस्त क्षेत्रों में कम से कम आधे साल या एक साल तक मानसिक राहत कार्य पर जुटे रहने की मांग की गयी है, इस तरह एक तरफ भूंकपग्रस्त लोगों को मानसिक परामर्श प्रदान किया जा सके और दूसरी तरफ भूंकपग्रस्त शहरों व कस्बों में जाकर वहां के चिकित्सकों को मानसिक स्वास्थ्य का प्रशिक्षण में मदद दी जा सके। इस के साथ भूंकपग्रस्त की बुनियादी ईकाइयों के चिकित्सकों को तीन साल के भीतर प्रांत से बाहर के अस्पतालों में एक साल तक का प्रशिक्षण का मौका प्रदान किया जाने की सुविधा दी जा सके तथा सभी अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य कर्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी की जा सके।