2009-06-18 18:58:12

चीन ने चीन व भारत की विवादास्पद प्रादेशिक भूमि के बारे में एशियाई विकास बैंक द्वारा पारित दस्तावेज के प्रति कड़ा असंतोष व्यक्त किया

वर्तमान में एशियाई विकास बैंक ने चीन व भारत की विवादास्पद प्रादेशिक भूमि से जड़े भारतीय साझेदार रणनीति ( 2009-2010 ) के बारे में दस्तावेज पारित किया । चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता छिन कांग ने 18 जून को पेइचिंग में कहा कि चीन ने इस मामले के प्रति कड़ा असंतोष व्यक्त किया है । इस से चीन व भारत के बीच मौजूद प्रादेशिक भूमि के भारी विवादास्पद तथ्य को नहीं बदला जा सकता और न ही चीन भारत सीमा विवाद के प्रति चीन के मूल रुख में बदलाव आता ।

छिन कांग ने उसी दिन नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एशियाई विकास बैंक को क्षेत्रीय विकास संस्था होने के नाते सदस्य देशों के राजनीतिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिये । एशियाई विकास बैंक की इसी कार्यवाही से एशियाई विकास बैंक की साख ही नहीं , बल्कि सदस्य देशों के हितों को ठेस भी लगी है । चीन सरकार ने एशियाई विकास बैंक से तीव्र मांग की है कि उस के अधिकारी इस से उत्पन्न कुप्रभाव को मिटाने के लिये सार्थक कदम उठाये ।

छिन कांग ने कहा कि चीन दूसरे सदस्यों के साथ अपनी क्षेत्रीय सामाजिक व आर्थिक कार्यों को बढावा देने में अपनी भूमिका निभाने को तैयार है । चीन भारत सीमा विवाद के बारे में चीन का यह रुख रहा है कि चीन व भारत को द्विपक्षीय वार्ता के जरिये युक्तिसंगत व स्वीकृत समाधान प्रस्ताव की समान रुप से खोज करनी चाहिये ।