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(GMT+08:00) 2008-01-21 17:23:27    
लाइबीरिया स्थित चीनी शांति सैनिकों की कहानी

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा-परिषद के स्थायी सदस्य देशों में से एक होने के नाते, चीन हमेशा ही दुनिया के विभिन्न स्थलों में शांति कार्यवाई में सक्रिय भाग लेता है और ऐसी गतिविधियों का समर्थन भी करता है। वर्ष 1992 से इस वर्ष के जनवरी माह तक, चीन ने क्रम��ः संयुक्त राष्ट्र संघ की शांति कार्यवाही में भाग लिया है और 6000 से ज्यादा शांति कर्मचारियों को भेजा है। आज के इस कार्यक्रम में हम आप लोगों को अफ्रीका स्थित लाइबीरिया में गए चीनी शांति सैनिकों की कहानी सुनाएंगे।

श्री श छांग जुंग चीन की राजधानी पेइचिंग शहर के जनरल सैन्य अस्पताल के एक डॉक्टर हैं। वर्ष 2006 के फरवरी माह में उन्हें लाइबीरिया स्थित चीनी सेना के शांति मिशन में भाग लेने के लिए चुना गया। जब श्री श छांग जुंग को पता चला कि उन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति मिशन में भाग लेने का मौका मिला है , तो उन्होंने कहा, वे बहुत उत्तेजित थे।उस वक्त मैं बहुत उत्तेजित था और मैं थोड़ा सा चिंतित भी ।

श्री श इसलिए चिंतित थे कि लाइबीरिया की सुरक्षा परिस्थितियों और कुछ रोगों के प्रति उन की जानकारी कम थी। दूसरे वहां की भाषा न जानना भी उन के लिए एक बाधा थी। इसलिए, उस वक्त श्री शन कुछ दबाव महसूस कर रहे थे।

लेकिन, एक महीने से कुछ अधिक के शारीरिक, अंग्रेजी भाषा व सैन्य क्षेत्रों का संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद डॉक्टर श तथा अन्य 42 चीनी डॉक्टर पूरी तरह तैयार हो गए ।श्री शन ने कहा,30 से ज्यादा दिनों के प्रशिक्षण के बाद अनेक समस्याओं का निपटारा करने के लिए हमारे पास पूरी तैयारी थी। पहले संय���क्त राष्ट्र संघ के शांति मिशन में भाग लेने वाले लोगों ने भी हमारे यहां आकर हमें तदनुरुप प्रशिक्षण व तैयारी करवाई। इसलिए लाईबीरिया आने से पहले हमारे पास पूरा विश्वास था।

वर्ष 2006 के अप्रेल माह में श्री श तथा उन के 42 सहकर्मियों का चीनी चिकित्सा दल लाइबीरिया में शांति मिशन पर पहुंच गया ।

लाइबीरिया में मिशन निभाते समय चीनी चिकित्सा दल के सदस्य संयुक्त राष्ट्र संघ के एक दूसरे स्तर के अस्पताल में काम करते थे और विभिन्न देशों के शांति सैनिकों को तदनुरुप चिकित्सक सेवा भी प्रदान करते थे। इस के अलावा, अनेक आम लोग भी संयुक्त राष्ट्र संघ के अस्पताल में इलाज करवाना चाहती थे। डॉक्टर श ने एक गंभीर बीमारी वाले रोगियों का इलाज करने में भाग लिया था। उन्होंने कहा,एक दिन सुबह जब हम नाश्ता ले रहे थे, एक 18 वर्षीय गर्भवती खून बहने की वजह से हमारे अस्पताल में भेजी गयी। हमारे पास कोई भी अन्य विकल्प नहीं था। हम ने हरसंभव कोशिश करके रोगी को बचाने की कोशिश की। अंत में लगभग आठ घंटों के प्रयास के बाद गर्भवती महिला की स्थिति पर नियंत्रित किया गया और सुभीतेपूर्ण रुप से एक छोटे बेटे का जन्म हुआ। गर्भवती खुद भी स्वस्थ रहीं।

अच्छी चिकित्सा तकनीक के कारण चीनी चिकित्सा दल को लाइबीरिया में स्थानीय जनता की प्रशंसा मिली है। डॉक्टर श ने कहा कि गत वर्ष के दिसम्बर माह में जब वे मिशन पूरा करके स्वदेश वापस लौट रहे थे, तो उन्हें स्थानीय जनता की खूब प्रशंसा मिली।हवाई अड्डे पर पहुंचते ही कुछ मित्रों , रोगियों , स्थानीय आम नागरिकों व संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकारियों ने हमें बिदाई दी। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि हम चीनी शांति सेना, खासकर चिकित्सक दल ने लाइबीरियाई जनता के स्वास्थ्य के लिए भारी योगदान दिया है।

शांति कार्यवाई में चीनी चिकित्सा दल के उल्लेखनीय प्रदर्शन को इनाम देने के लिए उन्हें लाइबीरिया स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दल द्वारा संयुक्त राष्ट्र शांति पुरस्कार भी प्रदत्त किया गया।

लाइबीरिया में न केवल चीनी चिकित्सा दल, बल्कि चीनी इंजीनियरिंग दल भी स्थानीय शांति के लिए अपना योगदान प्रदान कर रहा है।

लाइबीरिया स्थित चीनी शांति सेना के इंजीनियरिंग दल का मुख्य मिशन सड़कों का निर्माण करना व संरक्षण करना है। चूंकि लाइबीरिया अनेक वर्षों तक गृहयुद्ध का शिकार रहा है, सड़कों की स्थिति भी अच्छी नहीं है, इसलिए, इंजीनियरिंग दल का मिशन ज्यादा कठिन है। उन्हें अक्सर कई महीनों तक बाहर काम करना पड़ता है।इंजीनियरिंग दल के उप प्रधान श्री छन दा य्वन ने परिचय देते समय बताया,यहां स��़कों का निर्माण करना बहुत कठिन है। वर्षा होने के समय गाड़ी चलाना भी बहुत कठिन है।

इंजीनियरिंग दल के सैनिकों के अथक प्रयासों से पहले गाड़ियां केवल 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चलती थीं, अब गाड़ियां 60 यहां तक कि 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। दाजेच्यो स्टेट के प्रधान श्री क्रिस्टोफर बैले ने चीनी इंजीनियरिंग दल के योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा,हम आप लोगों के प्रति आभार प्रकट करना चाहते हैं। हमारे और चीनी इंजीनियरिंग सैनिकों के बीच संबंध बहुत अच्छा है। हम उन्हें प्रेम करते हैं। हम एक ही परिवार जैसे हैं।

लाइबीरिया स्थित चीनी शांति सेना का परिवहन दल लाइबीरिया स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ की शांति टुकड़ी के परिवहन का मिशन निभाता है। रोज परिवहन दल को अनेक सामान भेजना होता है। एक भी बार यदि इस में रुकावट पड़ जाए तो संभवतः कई सौ, यहां तक कि कई हजार लोगों को पेय जल,खाद्य पदार्थ व ईंधन नहीं मिलेगा ।

एक बार, जब परिवहन दल 500 किलोमीटर दूर एक जगह सामग्री ले जा रहा था, तब रास्ते में विशेष स्थितियों का सामना करना पड़ा और पूरे पांच दिनों के बाद ही सामान पहुंच सका। सैनिकों ने रास्ते में दो दिनों के खाद्य सामग्री व पानी से ही काम चलाया और सही सलामत रुप से सामग्री को ठिकाने तक पहुंचाया। लाइबीरिया स्थित चीनी परिवहन दल के श्रेष्ठ प्रदर्शन को लाइबीरिया स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दल के कमांडर श्री सी आई ओबिआकर की पूरी पुष्टि मिली है। उन के अनुसार, चीनी सैनिकों का योगदान बड़ा है। मैंने अक्सर अपने सहकर्मियों से कहा है कि चीनी परिवहन दल के कार्य के बिना, हमारी सारी टुकड़ी सामान्य रुप से काम नहीं कर पाएगी।

न केवल लाइबीरिया में, बल्कि कांगो किंसासा, सूडान और लेबनान आदि डांवाडोल परिस्थिति वाले देशों व क्षेत्रों में हम चीनी शांति सैनिकों की उपस्थिति देखते हैं। हाल में अभी भी 1500 से ज्यादा शांति कर्मचारी संयुक्त राष्ट्र संघ के नौ मिशन स्थलों में शांति का मिशन निभा रहे हैं।